सारनाथ में नवजात की मौत का मामला: झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार, गैर-इरादतन हत्या का आरोप
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में एक नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गलत इंजेक्शन लगाने के कारण 15 दिन की बच्ची की मौत हो गई थी। इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया में भेजा जा रहा है।
अभियान के तहत हुई गिरफ्तारी
पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में थाना सारनाथ पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुभाषचंद पुत्र श्यामराज निवासी शाहपुर थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी को 30 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2:05 बजे थाना परिसर सारनाथ से गिरफ्तार किया गया।
घटना का पूरा विवरण
पुलिस के अनुसार, 30 मार्च 2026 को वादी ने थाना सारनाथ में लिखित शिकायत दी कि आरोपी झोलाछाप डॉक्टर सुभाषचंद ने उसकी 15 दिन की पोती का इलाज करने के दौरान गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस गंभीर आरोप के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना सारनाथ में मुकदमा संख्या 0163/2026 धारा 105 बीएनएस के तहत केस पंजीकृत किया गया। घटना की विवेचना उपनिरीक्षक अनुज कुमार शुक्ला द्वारा की जा रही है।
कानूनी धाराएं और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बिना वैध चिकित्सीय योग्यता के इलाज कर रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई।
आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सुभाषचंद के खिलाफ इसी मामले से संबंधित एक मुकदमा दर्ज है। फिलहाल पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक अनुज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक मुकेश पाल और हेड कांस्टेबल दिनेश यादव शामिल रहे। पुलिस टीम की तत्परता से आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। साथ ही क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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