सिद्धार्थनगर में रसोई गैस संकट, केवाईसी न होने से 7 हजार उपभोक्ता परेशान
सिद्धार्थनगर जिले में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि गैस की पर्याप्त आपूर्ति होने के बावजूद वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन उपभोक्ताओं को हो रही है, जिनकी कनेक्शन पासबुक की केवाईसी पूरी नहीं है। ऐसे करीब 7 हजार उपभोक्ता बुकिंग तक नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
केवाईसी न होने से नहीं हो रही बुकिंग
इटवा तहसील मुख्यालय पर राजा गैस सर्विस, हरिहर गैस एजेंसी और सपना गैस एजेंसी सहित कुल तीन एजेंसियां संचालित हैं। इनमें राजा गैस सर्विस सबसे बड़ी एजेंसी है, जहां करीब 25 हजार उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं की केवाईसी अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
इन उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में रहकर काम करते हैं। उनकी अनुपस्थिति में केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे उनके परिवार के सदस्य गैस सिलिंडर लेने में असमर्थ हैं।
केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को भी लंबी कतारें
जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी पूरी हो चुकी है, उनकी स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है। उन्हें गैस बुकिंग और सिलिंडर प्राप्त करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। रविवार को हरिहर और सपना गैस एजेंसी पर गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे समस्या और बढ़ गई।
राजा गैस सर्विस पर करीब 432 सिलिंडरों से भरी गाड़ी पहुंची, लेकिन वहां भी सुबह से ही सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक लंबी लाइनें लगी रहीं और कई उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ा।
होम डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह फेल
उपभोक्ताओं का कहना है कि होम डिलीवरी व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है। लोगों को खुद एजेंसी पर जाकर बुकिंग करनी पड़ रही है और फिर तय तारीख पर गोदाम से सिलिंडर लेना पड़ता है। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कालाबाजारी की भी आशंका
रसोई गैस संकट के बीच कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोग 2000 से 2500 रुपये तक में सिलिंडर बेच रहे हैं। वहीं, नियमों के अनुसार होटलों, चाय दुकानों और भोजनालयों में घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर इसका खुलेआम उपयोग किया जा रहा है।
यह भी सवाल उठ रहा है कि इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक गैस सिलिंडर कैसे पहुंच रहे हैं। इसमें एजेंसी कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।
आपूर्ति विभाग ने बनाई नई व्यवस्था
समस्या को देखते हुए आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब उपभोक्ता एजेंसी कार्यालय पर अपनी पासबुक लेकर बुकिंग करा सकते हैं। इसके लिए गैस सिलिंडर साथ लाने की जरूरत नहीं होगी।
बुकिंग के समय उपभोक्ताओं को एक पर्ची दी जाएगी, जिसमें डिलीवरी की तिथि निर्धारित होगी। निर्धारित तिथि पर उपभोक्ता गोदाम जाकर अपना सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे। विभाग का दावा है कि इससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
जांच और कार्रवाई के निर्देश
आपूर्ति निरीक्षक इटवा जितेंद्र सिंह ने बताया कि पहले की तुलना में अधिक मात्रा में गैस की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के उपयोग की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अब तक केवाईसी नहीं करा पाए हैं, वे जल्द से जल्द एजेंसी कार्यालय जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत केवाईसी पूर्ण करा लें, ताकि उन्हें गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी
गैस की उपलब्धता के बावजूद वितरण प्रणाली की खामियों के चलते आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
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