जनपद सोनभद्र में महिला और बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। सोनभद्र पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत पाक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में दो दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोनों दोषियों पर कुल 1 लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला ASJ SPL POCSO न्यायालय सोनभद्र द्वारा सुनाया गया। अदालत ने प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार यह फैसला पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है और समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी देता है।
मामला थाना घोरावल क्षेत्र का है, मुकदमा संख्या 134/2019 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 363, 506, 376 घ क तथा पाक्सो एक्ट की धारा 5जी/6 लगाई गई थीं। इस मामले में आरोपी बनाए गए थे राजपति पुत्र शिव प्यारे और मन्नू पुत्र मीरु, दोनों निवासी कोहरथा थाना घोरावल जनपद सोनभद्र।
अदालत ने दोनों अभियुक्तों को सभी आरोपों में दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1 लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह निर्णय अपराध की गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
इस पूरे मामले में सजा दिलाने में थाना घोरावल पुलिस की भूमिका को अहम माना जा रहा है। इसके साथ ही कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन पक्ष और जनपद मॉनिटरिंग सेल के सतत प्रयासों से न्यायालय के समक्ष मजबूत और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस की लगातार निगरानी और प्रभावी पैरवी के चलते ही दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सकी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह फैसला केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में यह संदेश देता है कि महिला और बाल अपराधों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अपराध चाहे जितना पुराना क्यों न हो, दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी।
सोनभद्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और जिन मामलों में साक्ष्य मजबूत हैं, उनमें तेजी से न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति भरोसा मजबूत हो।
