जनपद सोनभद्र में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिनांक 05 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक पुलिस लाइन सोनभद्र स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना तथा कर्मचारियों से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान करना रहा।
समीक्षा गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय क्षेत्राधिकारी कार्यालय प्रतिसार निरीक्षक प्रधान लिपिक प्रभारी आंकिक शाखा प्रभारी कैश कार्यालय लाइन और प्रभारी आरटीसी डीसी सीसीटीएनएस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि चिकित्सा प्रतिपूर्ति वेतन विसंगति भवन निर्माण से जुड़े कार्य खरीददारी के प्रकरण जीपीएफ और पेंशन भुगतान अन्य निर्माण कार्य प्रशिक्षण उपरांत तैनात आरक्षियों की आवासीय व्यवस्था पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न वित्तीय लेन देन और भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है और किसी भी कर्मचारी से जुड़ा प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान और सुविधाओं की उपलब्धता से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होती है। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वित्तीय समीक्षा बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा माननीय न्यायालय में लंबित अभियोगों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर थानों के पैरोकारों के साथ एक अलग समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिन्हित अभियोगों माफिया और टॉप 10 अपराधियों से संबंधित मामलों तथा न्यायालय में लंबित अन्य जघन्य अपराधों गैंगस्टर और गोवध से जुड़े अभियोगों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान गवाहों की उपस्थिति साक्ष्य संकलन चार्जशीट और केस डायरी समय से न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने पैरोकारों को निर्देशित किया कि वे अभियोगों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें ताकि अपराधियों को समय पर सजा मिल सके और पीड़ितों को न्याय प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामलों के लंबित रहने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है इसलिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
अंत में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने यह स्पष्ट किया कि वित्तीय अनुशासन और न्यायिक मामलों में प्रभावी पैरवी पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले समय में इन दोनों क्षेत्रों में नियमित समीक्षा कर कार्यों की गुणवत्ता और गति को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि जनपद में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वास दोनों मजबूत हो सकें।
