सोनभद्र: घोरावल थाना क्षेत्र में बुधवार रात गो-तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। केवली गांव स्थित खाखे मोड़ नहर पुलिया चौराहा के पास हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दो तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक मुख्य आरक्षी भी ड्यूटी के दौरान घायल हो गया। पुलिस ने मौके से नौ गोवंश, एक बिना नंबर प्लेट की पिकअप वाहन, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जिलेभर में गो-तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी राहुल पांडेय के पर्यवेक्षण में घोरावल, करमा और शाहगंज थानों की संयुक्त पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट की पिकअप से गोवंश को मध्य प्रदेश सीमा क्षेत्र से बिहार की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने खाखे मोड़ के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
जैसे ही संदिग्ध पिकअप वाहन मौके पर पहुंचा, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख तस्करों ने पिकअप को तेज गति से भगाने की कोशिश की और जानबूझकर पुलिस टीम पर वाहन चढ़ा दिया। इस दौरान एक मुख्य आरक्षी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गया। हालात बिगड़ते देख तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों तस्कर गोली लगने से घायल हो गए। घायल अभियुक्तों की पहचान सिद्धनाथ खरवार (29) निवासी ग्राम अमहरा, थाना अधौरा, जिला कैमूर, बिहार और ओमप्रकाश यादव (30) निवासी चैनपुर, थाना भभुआ, जिला कैमूर, बिहार के रूप में हुई है। दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल भेजा गया। वहीं घायल मुख्य आरक्षी को भी प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पिकअप वाहन की तलाशी ली, जिसमें नौ गोवंश बरामद किए गए। इनमें से एक गोवंश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में लंबे समय से गो-तस्करी के धंधे में संलिप्त हैं।
तस्करों ने पुलिस को बताया कि वे मध्य प्रदेश सीमा क्षेत्र से गोवंश लादकर नौगढ़ मार्ग के जरिए बिहार ले जाते थे और वहां से आगे पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गो-तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
