वाराणसी: आकाशवाणी तिराहा स्थित महाराजा सुहेलदेव पार्क में शुक्रवार को आयोजित महाराजा सुहेलदेव जयंती समारोह उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब सम्मान और गौरव के संदेश के बीच राजनीतिक बयानबाजी, हंगामा और धरना प्रदर्शन ने माहौल को गरमा दिया। राजभर युवा महासमिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि आजादी के 76 वर्षों बाद महाराजा सुहेलदेव और राजभर समाज को वह सम्मान मिला है, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने समाज के इतिहास, वीरता और योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम किया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि जैसे बहराइच में आक्रांता गाजी मियां की मजार पर लगने वाले मेले को शासन ने बंद किया है, उसी तरह काशी में होने वाले गाजी मियां की शादी के आयोजन को भी बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव के एकजुटता और संघर्ष के संदेश को याद दिलाते हुए समाज को संगठित रहने की अपील की। इसी दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया, जब कुछ कार्यकर्ता मंच के पास पहुंचकर कथित रूप से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए हंगामा और हाथापाई पर उतर आए।
उधर, महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती के अवसर पर स्ट्रीट वेंडर्स सेवा समिति के तत्वाधान में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा निकाली। पदयात्रा के दौरान उन्होंने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गुलाब की पंखुड़ियों से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और सुहेलदेव के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
वहीं, सुभासपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र राजन राजभर के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सुहेलदेव प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कैबिनेट मंत्री की सभा के दौरान अपशब्दों का प्रयोग किया गया है। रुद्र राजन राजभर ने स्पष्ट किया कि जब तक मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेंगे, तब तक धरना जारी रहेगा। मौके पर थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने स्थिति को संभालने और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। धरने में जिलाध्यक्ष उमेश राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष नित्यानंद पांडेय, शिवपुर विधानसभा प्रभारी संदीप राजभर, विशाल चौबे, सुरेंद्र राजभर, ज्वाला राजभर, दुर्गा राजभर और ओम प्रकाश सहित कई नेता मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सफाई देते हुए कहा कि जैसे ही उन्होंने मंच से बोलना शुरू किया, कुछ लोगों ने जानबूझकर डीजे बजाकर उनकी बातों को जनता तक नहीं पहुंचने देने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक की थी और यह धार्मिक स्थल होने के कारण शांति बनाए रखने के निर्देश पहले ही पुलिस प्रशासन को दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ लोग बिना अनुमति डीजे के साथ गले में पीला गमछा डालकर पार्क में घुस आए, जिस पर उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
सुहेलदेव जयंती के अवसर पर सम्मान और एकता के संदेश के बीच उपजा यह विवाद देर तक चर्चा में रहा। एक ओर समाज के गौरव और इतिहास को लेकर बातें हुईं, तो दूसरी ओर हंगामे और धरने ने कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया। फिलहाल पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
