उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में वीआईपी आवागमन को सुगम और स्थायी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। जिले में कुल 19 स्थायी हेलीपैड बनाए जाने की योजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने इनमें से 15 हेलीपैड के लिए भूमि का प्रबंध कर लिया है, जबकि शेष चार के लिए प्रक्रिया जारी है। इस योजना के पूरा होने के बाद बार बार अस्थायी हेलीपैड बनाने और फिर उन्हें हटाने से होने वाली सरकारी धन की बर्बादी पर रोक लगेगी।
यह पूरी कवायद उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शुरू की गई है। शासन स्तर पर हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव द्वारा जनपद में वीआईपी मूवमेंट के लिए मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक हेलीकॉप्टर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में जिला प्रशासन को 19 हेलीपैड बनाए जाने की संस्तुति दी गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने छह तहसीलों के एसडीएम को अपने अपने क्षेत्रों में भूमि चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
जिलाधिकारी गौरांग राठी की सक्रिय निगरानी में यह कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। एसडीएम स्तर पर की गई कार्रवाई के बाद 19 में से 15 हेलीपैड के लिए भूमि का बंदोबस्त कर लिया गया है। शेष चार हेलीपैड के लिए भी भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
भूमि चिन्हांकन के बाद लोक निर्माण विभाग ने हेलीपैड निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक हेलीपैड पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। वर्तमान में उन्नाव जनपद में एक भी स्थायी हेलीपैड नहीं है। मंत्रियों और अन्य वीआईपी के आगमन पर अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं, जो एक बार उपयोग के बाद बेकार हो जाते हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार के अनुसार, जहां जहां भूमि उपलब्ध हो चुकी है वहां के लिए शासन को हेलीपैड और एप्रोच रोड के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। निर्माण कार्य शुरू होते ही इन स्थलों पर स्थायी हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों और तहसीलों में हेलीपैड के लिए जो स्थल चयनित किए गए हैं उनमें सदर तहसील के सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत चौरा, सिकंदरपुर करण के कडेर पतारी जो लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट है, बीघापुर के मगरायर ग्राम पंचायत क्षेत्र में उन्नाव लालगंज राष्ट्रीय मार्ग के पास, सुमेरपुर के आकमपुर बिहार जो एनएच 31 के करीब है, बिछिया के खोरी बिछिया जो चमरौली बिछिया मार्ग के निकट है, पुरवा के कल्याणपुर मिर्रीकला अंतर्गत भगवंत नगर दूधी कगार मार्ग के पास, हिलौली के रसूलपुर, असोहा के कंदरपुर, बांगरमऊ के नसीरपुर भिख्खन, सफीपुर के देवगांव, हसनगंज के सलेमपुर, फतेहपुर चौरासी के दोस्तपुर शिवली, गंजमुरादाबाद के फतेहपुर खालसा, मियागंज के सरंबा और नवाबगंज की ग्राम पछियाव शामिल हैं। औरास ब्लॉक में फिलहाल भूमि का प्रबंध नहीं हो सका है।
सभी हेलीपैड तहसील मुख्यालयों से न्यूनतम ढाई किलोमीटर और अधिकतम 21 किलोमीटर की दूरी पर चयनित किए गए हैं। ब्लॉक मुख्यालयों से इनकी दूरी दो से दस किलोमीटर के बीच रहेगी। एक हेलीपैड का न्यूनतम आकार 70×70 मीटर यानी करीब 490 वर्ग मीटर होगा, जबकि कुछ स्थलों पर 3000 से 3600 वर्ग मीटर तक क्षेत्र सुरक्षित रखा गया है। इनमें से लगभग 2500 वर्ग मीटर में सीसी हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा और शेष क्षेत्र भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आरक्षित रहेगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप जिले में 19 हेलीपैड चिह्नित किए गए हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी का कहना है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे उन्नाव में वीआईपी मूवमेंट अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगा। मुख्य मार्ग से हेलीपैड तक जहां सड़क उपलब्ध नहीं है, वहां अलग से एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी। कहीं यह दूरी 200 मीटर होगी तो कहीं 500 मीटर तक, जिसके लिए अलग प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
स्थायी हेलीपैड बनने के बाद उन्नाव जनपद प्रशासनिक दृष्टि से और अधिक सुदृढ़ होगा और भविष्य में बड़े कार्यक्रमों और वीआईपी आवागमन के दौरान व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक सुचारु रूप से संचालित की जा सकेंगी।
