यूपी में 102-108 एंबुलेंस सेवा के नियमों में बड़ा बदलाव,
अब नहीं रुकेगी आपातकालीन मदद
अब नहीं रुकेगी आपातकालीन मदद
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आम जनता को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुगम व निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं के संचालन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। लंबे समय से ईंधन आपूर्ति से जुड़ी जटिलताओं के कारण प्रभावित हो रही सेवाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिसे स्वास्थ्य व्यवस्था में एक व्यावहारिक और जरूरी सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
ईंधन भरवाने के नियमों में बदलाव
नए आदेश के अनुसार अब एंबुलेंस चालकों को किसी एक विशेष तेल कंपनी तक सीमित नहीं रहना होगा। पहले केवल इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों से ही ईंधन भरवाने की अनिवार्यता थी, जिससे कई बार दूर-दराज के इलाकों में एंबुलेंस को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था। अब चालक किसी भी नजदीकी पेट्रोल पंप से ईंधन भरवा सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और मरीजों तक पहुंचने में तेजी आएगी।
आपात स्थिति में नगद भुगतान की अनुमति
सरकार ने एक और अहम बदलाव करते हुए आपात स्थिति में नगद भुगतान की अनुमति भी दे दी है। पहले भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह तय सिस्टम के तहत होती थी, जिसमें तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से कई बार बाधाएं आती थीं। नई व्यवस्था के तहत अब जरूरत पड़ने पर मौके पर ही नगद भुगतान कर एंबुलेंस को तुरंत ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
ईंधन संकट से प्रभावित हुई थीं सेवाएं
हाल ही में ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण प्रदेश के करीब 30 जिलों में एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई थीं। कई स्थानों पर एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए यह व्यावहारिक निर्णय लिया है।
हजारों एंबुलेंस पर पड़ेगा असर
प्रदेश में वर्तमान में 102 सेवा के तहत लगभग 2270 और 108 सेवा के तहत करीब 2200 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। ये एंबुलेंस रोजाना हजारों मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऐसे में इन सेवाओं का निर्बाध रूप से चलना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सेवाएं होंगी तेज और प्रभावी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद एंबुलेंस संचालन में आने वाली रुकावटें काफी हद तक दूर हो जाएंगी। इससे न केवल सेवाओं की गति बढ़ेगी, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता भी मिल सकेगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह बदलाव राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लचीला, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।
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