लखनऊ/कानपुर/सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत यूपी पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है। कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे आजमगढ़ निवासी विकास सिंह नरवे को पुलिस ने सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विकास सिंह इस संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था और उसकी तलाश पिछले काफी समय से की जा रही थी।
इससे पहले इसी मामले में 12 मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल एक अन्य आरोपी विनोद अग्रवाल को क्राइम ब्रांच और कानपुर के कलक्टरगंज थाना पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। विनोद अग्रवाल को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से पकड़ा गया, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ्तारी को इस पूरे गिरोह के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि जांच एजेंसियों के अनुसार वही इस नेटवर्क का एक प्रमुख कड़ी था।
फीलखाना थाना क्षेत्र के पटकापुर निवासी विनोद अग्रवाल मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स का संचालक है। उस पर आरोप है कि उसने 65 से अधिक फर्जी फर्मों का जाल खड़ा कर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत देश के 12 राज्यों में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई की। जांच में सामने आया है कि इन फर्मों के जरिए कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल जैसी दवाओं की बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही थी, जिन्हें नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इस मामले में खाद्य आयुक्त के निर्देश पर गठित चार टीमों ने कानपुर के बिरहाना रोड स्थित विनोद अग्रवाल की दुकान और कोपरगंज स्थित गोदाम पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का कोडीन युक्त कफ सिरप और भारी मात्रा में ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद की गई थीं। बरामदगी के बाद से ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई लगातार तेज कर दी गई है।
अब आजमगढ़ निवासी विकास सिंह नरवे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किन-किन राज्यों में दवाओं की सप्लाई से जुड़ा था और नेटवर्क के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप मामले में आगे भी गिरफ्तारियां जारी रहेंगी और इस अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन का साफ कहना है कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
