विश्व वानिकी दिवस पर वाराणसी में ‘अटल सृजन वन’ की शुरुआत, गंगा किनारे होगा हरियाली का विस्तार
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर वाराणसी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सृजन सामाजिक विकास न्यास के अध्यक्ष और पर्यावरणविद अनिल कुमार सिंह ने शनिवार को गंगा किनारे मुड़ादेव क्षेत्र में अपनी निजी जमीन पर ‘अटल सृजन वन’ की शुरुआत वृहद पौधारोपण के साथ की। इस पहल का उद्देश्य गंगा तट पर हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है।
फलदार पौधों से सजेगा ‘अटल सृजन वन’
अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस वन में मुख्य रूप से फलदार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों को लगाया जा रहा है, जिससे न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को फल भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक उपयोगिता को भी ध्यान में रखकर की गई है।
पौधारोपण अभियान की शुरुआत आम, अमरूद, नीम, महुआ, जामुन, अर्जुन, शीशम और पलाश जैसे विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर की गई। इन पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
गंगा किनारे एक किलोमीटर तक हरियाली का लक्ष्य
अनिल सिंह ने जानकारी दी कि उनकी निजी भूमि के अलावा मुड़ादेव घाट से लेकर शूलटंकेश्वर महादेव घाट तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में पौधारोपण किया जा रहा है। इन पौधों की देखभाल के लिए खाद और पानी की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो वर्षों में यह क्षेत्र एक सघन वन के रूप में विकसित हो जाएगा, जिससे ‘स्वच्छ काशी, सुंदर काशी और हरित काशी’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
विभिन्न विभागों और संस्थाओं की रही सहभागिता
इस कार्यक्रम में बीएचयू हार्टिकल्चर विभाग के इंचार्ज अश्विनी कुमार सिंह अपनी पत्नी के साथ उपस्थित रहे। इसके अलावा वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय ग्रामीणों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
वन विभाग के रेंजर दिवाकर दूबे, डिप्टी रेंजर राज कुमार गौतम और उनकी टीम ने पौधारोपण में सहयोग किया। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अध्यक्ष रोहित सिंह और कृषक उत्पादक संगठन टिकरी के निदेशक ई. अमित सिंह ने भी इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।
30 हजार पौधों के रोपण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में अनिल कुमार सिंह ने ‘अटल सृजन वन’ में विभिन्न प्रजातियों के करीब 30 हजार पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक सतत अभियान है, जिसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करना है।
स्थानीय लोगों और स्वयंसेवी समूहों की भागीदारी से यह अभियान और अधिक प्रभावी बन रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक कदम
विश्व वानिकी दिवस पर शुरू किया गया यह ‘अटल सृजन वन’ अभियान वाराणसी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। गंगा तट पर हरियाली बढ़ाने की यह कोशिश आने वाले समय में एक सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है।
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