उत्तर प्रदेश और आसपास के पड़ोसी राज्यों के कैंसर मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में बीते वर्ष अस्पताल में तीन अतिरिक्त आधुनिक रेडिएशन मशीनें स्थापित की गईं, जिनका सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है। वर्तमान में दोनों संस्थानों में प्रतिदिन औसतन लगभग 350 मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी जा रही है।
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जारी अस्पताल की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक मरीजों को रेडिएशन थेरेपी उपलब्ध कराई गई। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में जहां केवल 532 मरीजों को रेडिएशन थेरेपी दी गई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 4735 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि न केवल मरीजों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है, बल्कि उपचार सुविधाओं के सुदृढ़ होने का भी संकेत देती है।
हर वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वैश्विक स्तर पर कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में समय पर जांच और सही उपचार अत्यंत आवश्यक हो गया है। कैंसर के उपचार में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ आशुतोष मुखर्जी ने बताया कि अस्पताल आने वाले लगभग 60 से 65 प्रतिशत मरीजों को इलाज के किसी न किसी चरण में रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की शुरुआत के समय केवल एक रेडिएशन मशीन उपलब्ध थी, जबकि वर्तमान में दोनों अस्पतालों को मिलाकर कुल छह अत्याधुनिक रेडिएशन मशीनें कार्यरत हैं। इन मशीनों की मदद से बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर उपचार दिया जा रहा है।
रेडिएशन थेरेपी लेने वाले मरीजों में लगभग 25 प्रतिशत मरीज मुख कैंसर से पीड़ित होते हैं। इसके पीछे तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों का सेवन प्रमुख कारण माना जाता है। मुख कैंसर के बाद स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या रेडिएशन थेरेपी के लिए दूसरे स्थान पर है। एक मरीज को रेडिएशन थेरेपी का पूरा कोर्स करने में औसतन 35 दिन का समय लगता है, हालांकि मरीज की स्थिति के अनुसार यह अवधि घट या बढ़ सकती है।
रेडिएशन विभाग के चिकित्सक डॉ संबित स्वरूप नंदा ने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनों के साथ उन्नत तकनीक भी उपलब्ध है। सांस के साथ समन्वय कर रेडिएशन देना और त्वचा संबंधी कैंसर के लिए विशेष तकनीक से उपचार जैसी सुविधाएं यहां मौजूद हैं। हर मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार योजना तैयार की जाती है।
अस्पताल के निदेशक डॉ सत्यजीत प्रधान ने बताया कि हाल ही में स्थापित तीन नई रेडिएशन मशीनों से मरीजों को समय पर और निर्बाध उपचार मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है और इसके लिए भविष्य में भी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जाता रहेगा।
