वाराणसी: कैंट स्टेशन के सामने अवैध गतिविधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, स्थायी सहायता केंद्र से होगी चौबीस घंटे निगरानी
वाराणसी: शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल कैंट रेलवे स्टेशन के सामने लंबे समय से कथित देह व्यापार, संदिग्ध गतिविधियों तथा अन्य अवैध कारोबार को लेकर उठते रहे सवालों के बीच कमिश्नरेट पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और स्थायी पहल की है। यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिगरा थाना क्षेत्र में वाराणसी जंक्शन के सामने पिलर नंबर 61 के पास पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र केवल एक औपचारिक व्यवस्था नहीं बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
वर्षों से कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास का इलाका विभिन्न प्रकार की शिकायतों और चर्चाओं का केंद्र बना रहा है। समय समय पर स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों तथा मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यहां कथित देह व्यापार और अन्य अनैतिक गतिविधियों के संचालन को लेकर चिंता जताई जाती रही है। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले इस क्षेत्र में ऐसी शिकायतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े किए थे। अब पुलिस द्वारा स्थापित किए गए इस स्थायी सहायता केंद्र से क्षेत्र में लगातार निगरानी और त्वरित पुलिस हस्तक्षेप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने किया सहायता केंद्र का उद्घाटन
शनिवार को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने सिगरा थानांतर्गत वाराणसी जंक्शन के सामने स्थापित पुलिस सहायता केंद्र का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों को सुरक्षित, भरोसेमंद तथा अपराध मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सहायता केंद्र पर चौबीसों घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, जिससे क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा सकेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपात स्थिति अथवा कानून व्यवस्था से जुड़ी चुनौती सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यात्रियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सहायता केंद्र केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यात्रियों को आवश्यक मार्गदर्शन, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता तथा वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का भी माध्यम बनेगा। वाराणसी जंक्शन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले यात्रियों की मौजूदगी को देखते हुए यह केंद्र सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी चौबीस घंटे नजर
पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि सहायता केंद्र के माध्यम से क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। नियमित गश्त, निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत बनाकर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पुलिस की स्थायी मौजूदगी अपराधियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के लिए बड़ा संदेश साबित होगी। इससे कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ साथ आम लोगों में सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ी उम्मीद
क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना से लंबे समय से चर्चा में रहे कथित देह व्यापार और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। लोगों का कहना है कि पहले पुलिस की मौजूदगी सीमित समय के लिए दिखाई देती थी, लेकिन अब स्थायी केंद्र बनने से चौबीसों घंटे निगरानी संभव होगी। इससे क्षेत्र की छवि बेहतर होगी और यात्रियों के साथ साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
जनसहयोग से और मजबूत होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध कारोबार अथवा कानून व्यवस्था से जुड़ी कोई जानकारी प्राप्त होती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग और पुलिस की सक्रियता के संयुक्त प्रयास से ही ऐसे क्षेत्रों को अपराध और अवैध गतिविधियों से मुक्त बनाया जा सकता है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पुलिस सहायता केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के साथ अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी काशी वैभव बांगर, एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक सिगरा शिवाकांत मिश्रा सहित कमिश्नरेट पुलिस के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सहायता केंद्र का निरीक्षण करते हुए वहां तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर जोर दिया।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
वाराणसी जंक्शन के सामने स्थापित यह पुलिस सहायता केंद्र शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। रेलवे स्टेशन जैसे अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र में चौबीस घंटे पुलिस की मौजूदगी न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगी बल्कि यात्रियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय व्यापारियों के लिए भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ाएगी। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से क्षेत्र में लंबे समय से उठ रही शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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