वाराणसी में साइबर क्राइम टीम का बड़ा एक्शन कॉल सेंटर पर छापेमारी में 30 गिरफ्तार
वाराणसी: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार रात साइबर क्राइम टीम ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार यह कॉल सेंटर ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश डिजिटल मार्केटिंग और व्यापारियों को खरीदार उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से संपर्क कर साइबर ठगी करने का काम कर रहा था। रात करीब नौ बजे हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 22 युवतियां भी शामिल हैं जो कॉलिंग के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाने का काम करती थीं।
फर्जी ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर बनाया गया था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर से जुड़े लोग व्यापारियों और अन्य लोगों से संपर्क कर उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अधिक मुनाफा दिलाने का दावा करते थे। इसके अलावा कारोबार बढ़ाने के लिए खरीदार उपलब्ध कराने का झांसा भी दिया जाता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र और दस्तावेज दिखाए जाते थे ताकि वे कंपनी को वास्तविक और भरोसेमंद मान लें।
खुद को मल्टीनेशनल कंपनी का एजेंट बताकर करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार कॉल करने वाले लोग खुद को किसी मल्टीनेशनल कंपनी का अधिकृत एजेंट बताते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं बल्कि अमेरिकी नागरिकों को भी अपना निशाना बनाता था। इसके लिए फर्जी एप्पल और कस्टमर सपोर्ट के नाम का इस्तेमाल किया जाता था और तकनीकी सहायता देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
कंप्यूटर लैपटॉप और डिजिटल डेटा बरामद
छापेमारी के दौरान साइबर क्राइम टीम ने उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मौके पर एसीपी भेलूपुर इंस्पेक्टर भेलूपुर और साइबर सेल की टीम मौजूद रही। पुलिस ने कंपनी के संचालक और उसके सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से कंप्यूटर लैपटॉप और अन्य डिजिटल डेटा भी बरामद किया गया है जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से साइबर ठगी के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
साइबर नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य शहरों या राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पृष्ठभूमि
हाल के वर्षों में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। ठग आकर्षक लाभ का लालच देकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और बाद में उनसे बड़ी रकम की ठगी कर लेते हैं। साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस समय समय पर लोगों को जागरूक भी करती रही है और किसी भी अनजान कॉल या निवेश संबंधी प्रस्ताव पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करने की सलाह देती है। वाराणसी में हुई यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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