वाराणसी: दालमंडी में सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई, अवैध भवनों पर चला बुलडोजर

3 Min Read
दालमंडी में अवैध निर्माणों पर VDA की सख्त कार्रवाई, भारी सुरक्षा के बीच बुलडोजर से ध्वस्तीकरण।

वाराणसी: शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र दालमंडी में मंगलवार को विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित किए गए भवनों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम शुरू हुआ, जिसे अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई माना जा रहा है। इस दौरान पहले से गिराए गए भवनों के मलबे को हटाने का कार्य भी समानांतर रूप से जारी रहा, ताकि क्षेत्र में यातायात और जनजीवन को सामान्य बनाया जा सके।

मंगलवार को दालमंडी में चौथे और पांचवें भवन पर एक साथ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। कुल छह भवनों को वीडीए द्वारा अवैध निर्माण के रूप में चिन्हित किया गया है, जिन पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान नियोजन नियमों के उल्लंघन पर की जा रही अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई है। कार्रवाई के दौरान भारी मशीनरी का उपयोग किया गया और भवनों को चरणबद्ध तरीके से गिराया गया, ताकि आसपास के ढांचों को नुकसान न पहुंचे।

ध्वस्तीकरण अभियान को शांतिपूर्ण और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर आमजन की आवाजाही नियंत्रित की गई। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में वीडीए की टीम ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों और न्यायालयीय दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। अवैध निर्माणों के कारण न केवल यातायात और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं, बल्कि क्षेत्र की नियोजित विकास प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए दालमंडी में यह सख्त कदम उठाया गया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी। दालमंडी में चल रही इस बड़ी कार्रवाई को शहर के विकास और कानून व्यवस्था के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश भी गया है।