वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण: 5 जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, सुगम होगा यातायात

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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वाराणसी के दालमंडी में चौड़ीकरण अभियान के तहत जर्जर भवनों को ढहाया गया।

वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई, पांच जर्जर भवनों पर प्रशासन सख्त

वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में बुधवार को चौड़ीकरण अभियान के तहत नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की। लंबे समय से प्रस्तावित दालमंडी चौड़ीकरण योजना के अंतर्गत पांच जर्जर भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह कदम यातायात को सुगम बनाने और क्षेत्र में संभावित सुरक्षा खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

लाउडस्पीकर से घोषणा के बाद कई भवन स्वामी रजिस्ट्री के लिए हुए सहमत

कार्रवाई शुरू होने से पहले प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से सार्वजनिक घोषणा की। अधिकारियों ने भवन स्वामियों को सूचित किया कि जिन संपत्तियों को जर्जर घोषित किया गया है, उन्हें खाली कराया जाना आवश्यक है। घोषणा के बाद कई भवन स्वामी स्वयं बाहर आए और अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सहमति जताई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में भी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्थिति से अवगत कराया गया था।

मौके पर जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके। हालांकि प्रशासन का प्रयास रहा कि अधिकतम मामलों में सहमति के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाए, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

इन भवनों को किया गया चिन्हित

नगर निगम द्वारा जिन पांच जर्जर भवनों को खाली कराने और ध्वस्त करने की योजना बनाई गई, उनमें भवन संख्या डी 50 212, डी 1 23, सीके 67 25, डी 50 224 और 225 शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन भवनों की संरचना कमजोर हो चुकी थी और घनी आबादी वाले क्षेत्र में इनके बने रहने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।

यातायात और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम

दालमंडी वाराणसी का अत्यंत व्यस्त और घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां सड़कों की चौड़ाई कम होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन के दबाव को देखते हुए लंबे समय से चौड़ीकरण की मांग उठ रही थी। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जर्जर भवन न केवल मार्ग को संकरा बनाए हुए थे, बल्कि किसी भी समय ढहने का खतरा भी पैदा कर रहे थे। इसी कारण प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

पूर्व सूचना के बाद की गई कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भवन स्वामियों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि यदि वे स्वयं संपत्ति खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ेगी। कई स्वामियों द्वारा रजिस्ट्री के लिए सहमति देने से प्रशासन को प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने में मदद मिली।

कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। अधिकारियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है और प्रभावित पक्षों को नियमानुसार अवसर दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया सकारात्मक कदम

दालमंडी क्षेत्र के कई निवासियों और व्यापारियों ने इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जर्जर भवनों के कारण सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। इसके अलावा संकरी सड़क के कारण एंबुलेंस और अन्य आपात सेवाओं को आने जाने में भी कठिनाई होती थी। लोगों ने उम्मीद जताई कि चौड़ीकरण के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्र का स्वरूप भी बेहतर होगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

नगर निगम के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि दालमंडी चौड़ीकरण अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जिन अन्य भवनों को तकनीकी जांच में असुरक्षित पाया जाएगा, उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि विकास और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

दालमंडी में की गई यह बुलडोजर कार्रवाई केवल ध्वस्तीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।