वोट जिहाद आरोपों पर कार्रवाई रोकने को पूर्व विधायक समद अंसारी ने DM को लिखा पत्र

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Dilip Kumar
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पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।

पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने वोट जिहाद आरोपों पर कार्रवाई रोकने को जिलाधिकारी को लिखा पत्र

वाराणसी के शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी ने जिलाधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी वाराणसी को पत्र लिखकर एक प्रकरण में आगे की कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया है। यह प्रकरण कथित वोट जिहाद आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा की गई जांच में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए हैं, इसलिए अनावश्यक रूप से कार्रवाई जारी रखना उचित नहीं होगा।

जांच के बाद आरोप बताए गए निराधार

पत्र में उल्लेख किया गया है कि कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के विधायक और मंत्री रवींद्र जायसवाल द्वारा मामले की जांच की मांग की गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित तथ्यों के आधार पर सहायक निर्वाचन अधिकारी शहर उत्तरी द्वारा जांच कराई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले और उन्हें तथ्यों से परे पाया गया।

अनावश्यक कार्रवाई से माहौल बिगड़ने की आशंका

हाजी अब्दुल समद अंसारी ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जब जांच में आरोप असत्य पाए गए हैं तो इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि बेवजह की कार्रवाई से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो सकता है और शांति भंग होने की आशंका बढ़ सकती है। उनके अनुसार वाराणसी का सामाजिक ताना बाना सदैव सौहार्द और भाईचारे पर आधारित रहा है, जिसे बनाए रखना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है।

निष्पक्षता और संयम बरतने की अपील

पूर्व विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वे किसी वैध जांच या प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब सक्षम अधिकारी की जांच में आरोपों को निराधार बताया गया है तो आगे की कार्रवाई का औचित्य नहीं बनता। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्षता और संयम के साथ निर्णय लेने की अपील की है।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का आरोप

समद अंसारी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण इस प्रकार के आरोप लगाए जाना लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे आरोपों से न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि प्रभावित होती है, बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आकर निर्णय न लिया जाए।

सौहार्द बनाए रखने पर जोर

पत्र के माध्यम से पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया है कि वाराणसी में शांति और कानून व्यवस्था सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के बावजूद अनावश्यक कार्रवाई की जाती है तो इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए और क्षेत्र में शांति बनाए रखने को प्राथमिकता दी जाए।

फिलहाल इस पत्र के बाद प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।