- काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सीएचएस बीएचयू की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों का धरना, प्राक्टर कर्मियों से हुई झड़प
- प्राक्टर कर्मियों ने परिसर से बाहर किया
- कक्षा 9 में सीट शून्य होने पर आपत्ति
- कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा पर भी उठे सवाल
- हॉस्टल सीटों की जानकारी बुलेटिन में देने की मांग
- प्रशासन ने दिया विचार का आश्वासन
- पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सीएचएस बीएचयू की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्रों का धरना, प्राक्टर कर्मियों से हुई झड़प
वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को छात्रों ने सीएचएस बीएचयू के बुलेटिन और प्रवेश प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। दोपहर के समय बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। इस दौरान प्राक्टर कर्मियों ने छात्रों को परिसर से बाहर निकालने का प्रयास किया, जिस पर हल्की झड़प की स्थिति भी उत्पन्न हुई। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
प्राक्टर कर्मियों ने परिसर से बाहर किया
धरना दे रहे छात्रों को प्राक्टर कर्मियों द्वारा केंद्रीय कार्यालय परिसर से बाहर किया गया। छात्रों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। परिसर से बाहर निकालने के दौरान छात्रों और कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों की बात सुनने के बाद उन्हें समझाने का प्रयास किया, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
कक्षा 9 में सीट शून्य होने पर आपत्ति
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग सीएचएस बीएचयू में कक्षा 9 की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी थी। उनका कहना है कि कक्षा 9 में प्रवेश के लिए सीटों की संख्या शून्य दर्शाया जाना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है। छात्रों का आरोप है कि इससे योग्य छात्राओं को प्रतिभा के आधार पर प्रवेश के अवसर से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से कक्षा 9 में अतिरिक्त सेक्शन शुरू करने की मांग की, ताकि प्रवेश परीक्षा के आधार पर अधिक छात्राओं को अवसर मिल सके।
कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा पर भी उठे सवाल
छात्रों ने कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि कोरोना काल के दौरान प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित रही थी और उसके बाद भी स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दिए गए। इस विषय पर विस्तृत चर्चा और पारदर्शी व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई, ताकि छात्रों और अभिभावकों को समय पर सही जानकारी मिल सके।
हॉस्टल सीटों की जानकारी बुलेटिन में देने की मांग
प्रदर्शनकारियों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग यह रही कि सीएचएस बीएचयू 2026 सत्र के लिए सभी कक्षाओं हेतु हॉस्टल आवंटन की सीटों की स्पष्ट जानकारी बुलेटिन में प्रकाशित की जाए। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल की सीटों की संख्या और उपलब्धता की जानकारी न होने से अभिभावकों को योजना बनाने में कठिनाई होती है। यदि यह विवरण पहले से उपलब्ध हो तो प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकती है।
प्रशासन ने दिया विचार का आश्वासन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें उचित मंच पर रखने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि बुलेटिन और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
काशी हिंदू विश्वविद्यालय देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है और इसके अंतर्गत संचालित सेंट्रल हिंदू स्कूल में प्रवेश को लेकर हर वर्ष बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। सीमित सीटों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण प्रवेश प्रक्रिया को लेकर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं। छात्रों का कहना है कि पारदर्शिता और समय पर सूचना उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।
मंगलवार का यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर की मांग को लेकर था। फिलहाल प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि प्रवेश प्रक्रिया और बुलेटिन में सुधार को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन क्या निर्णय लेता है।
