वाराणसी: अवैध निर्माण पर सख्ती, विकास प्राधिकरण ने पांच भवन किए सील
वाराणसी: शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान को तेज करते हुए विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। दशाश्वमेध वार्ड में नियमों की अनदेखी कर बनाए जा रहे भवनों पर शिकंजा कसते हुए प्राधिकरण की टीम ने पांच भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में अनियमित निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
प्राधिकरण की टीम ने जोन तीन क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कई निर्माण स्थलों पर गंभीर अनियमितताएं पाईं। डॉ वेद प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पाया गया कि कई भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के या निर्धारित मानकों के विपरीत किया जा रहा था। इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 व 28 के तहत कार्रवाई करते हुए इन निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। सील किए गए भवनों को संबंधित थाना पुलिस की अभिरक्षा में भी सौंपा गया है, ताकि दोबारा अवैध निर्माण न किया जा सके।
इन स्थानों पर हुई प्रमुख कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान कई अहम मामले सामने आए। केराकतपुर क्षेत्र में धर्मेंद्र कुमार सिंह द्वारा स्वीकृत बी जी दो के स्थान पर बी जी तीन मंजिल तक निर्माण किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध पाया गया। वहीं मंडुवाडीह क्षेत्र में हीरा लाल यादव द्वारा सेटबैक नियमों का उल्लंघन करते हुए जी प्लस तीन भवन का निर्माण कराया जा रहा था।
लोहता बाजार में दीपक गुप्ता द्वारा बिना किसी अनुमति के भूतल पर शटरिंग का कार्य किया जा रहा था, जिसे टीम ने मौके पर ही रुकवाकर भवन को सील कर दिया। इसी तरह केराकतपुर में धीरज सिंह द्वारा लगभग 250 वर्गमीटर क्षेत्र में स्वीकृत सीमा से अधिक निर्माण करते हुए तीसरी मंजिल बनाई जा रही थी, जिसे भी रोकते हुए सील कर दिया गया।
इसके अलावा एक अन्य मामले में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा करीब 200 वर्गफुट क्षेत्र में स्टील्ट प्लस तीन मंजिल का निर्माण कराया जा रहा था। यह निर्माण भी पूरी तरह अवैध पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे भी सील कर दिया गया।
प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश
प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में आगे भी लगातार निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का उद्देश्य शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाना है।
नागरिकों से अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत लेआउट वाले प्लॉट ही खरीदें और निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें। बिना अनुमति निर्माण करने पर न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध निर्माण कराने वालों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि वाराणसी का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो और शहर की संरचना सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनी रहे।
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