वाराणसी एनकाउंटर: कुख्यात शूटर बनारसी यादव ढेर, 21 मुकदमों में था वांछित

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Savan Nayak
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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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वाराणसी में STF द्वारा मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात शूटर बनारसी यादव की तस्वीर

वाराणसी में सुपारी लेकर रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या कराने वाला कुख्यात शूटर बनारसी यादव मंगलवार देर रात एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। लंबे समय से फरार चल रहा यह अपराधी पूर्वांचल के सबसे शातिर सुपारी किलर्स में गिना जाता था। पुलिस को देर रात इनपुट मिला कि बनारसी यादव चौबेपुर रोड के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।

कुख्यात शूटर बनारसी यादव का एनकाउंटर

बताया जा रहा है कि घेराबंदी के दौरान इंस्पेक्टर ने बनारसी यादव को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की गोलियों से दो सिपाही बाल बाल बच गए। हालात को देखते हुए एसटीएफ ने जवाबी फायरिंग की। फायरिंग करते हुए जवान बदमाश की ओर बढ़े और आमने सामने करीब 5 राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान दो गोलियां बनारसी यादव को लगीं, जिससे वह मौके पर गिर पड़ा।

घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद मौके से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। यह एनकाउंटर चौबेपुर रोड पर हुआ, जहां देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई।

कुख्यात शूटर बनारसी यादव का इतिहास

बनारसी यादव मूल रूप से गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर वाराणसी, गाजीपुर सहित कई जिलों में कुल 21 मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 10 से अधिक हत्याओं के मामले शामिल थे। सुपारी लेकर हत्याएं कराना उसकी पहचान बन चुकी थी। इसी वजह से वह पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था।

बनारसी यादव ने की थी कोलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या

करीब पांच महीने पहले गाजीपुर के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर योगेंद्र यादव ने 50 करोड़ रुपये की जमीन के विवाद में वाराणसी के चर्चित कोलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या की साजिश रची थी। इस साजिश के तहत योगेंद्र यादव ने बनारसी यादव को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसके बाद बनारसी ने फौजी अरविंद यादव और विशाल समेत तीन बदमाशों को हायर कर हत्या की पूरी योजना तैयार की।

21 अगस्त 2025 को इस साजिश को अंजाम दिया गया। उस दिन सुबह करीब साढ़े 8 बजे महेंद्र गौतम अपने घर से ऑफिस जाने के लिए निकले थे। महेंद्र बुद्धा सिटी के रहने वाले थे और उनका प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार था। उनके पिता श्यामनाथ आरटीओ अफसर रह चुके थे। महेंद्र ने अपने घर से करीब 2 किलोमीटर दूर अरिहंत नगर इलाके में ऑफिस बना रखा था और अपने बेटे अरिहंत के नाम पर रिंग रोड के पास एक कॉलोनी विकसित कर रहे थे। पहले फेज में 127 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी थी और सेकेंड फेज की प्लॉटिंग चल रही थी।

महेंद्र गौतम गलियों से होते हुए बाइक से ऑफिस जा रहे थे। ऑफिस से करीब 150 मीटर पहले ही एक बाइक पर सवार तीन शूटर वहां पहुंचे। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट पहने था, जबकि पीछे बैठे दो बदमाशों ने गमछे से अपने चेहरे ढक रखे थे। महेंद्र उस समय फोन पर बात करते हुए बाइक चला रहे थे। इसी दौरान शूटरों ने उनकी बाइक को ओवरटेक किया और करीब 10 फीट की दूरी से चलती बाइक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

पहली गोली महेंद्र गौतम की गर्दन में लगी, दूसरी कनपटी में और तीसरी गोली बाइक को जा लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक शूटर पिस्टल लहराते हुए मौके से फरार हो चुके थे। सूचना मिलने पर सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महेंद्र गौतम को मलदहिया स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

1 लाख रुपये का इनामी था बनारसी यादव

इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए योगेंद्र यादव, संपूर्णानंद शुक्ला, चंदना शुक्ला और श्यामप्रकाश राजभर को गिरफ्तार किया था। वहीं, मुख्य शूटर बनारसी यादव फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी।

बनारसी यादव की खास बात यह थी कि वह कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही एक जगह ज्यादा समय तक ठहरता था। वह हुलिया बदलने में भी माहिर था। पुलिस उसे नाम से तो जानती थी, लेकिन लंबे समय तक उसका चेहरा और तस्वीर किसी के पास नहीं थी। इसी वजह से वह कई वारदातों को अंजाम देने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। सारनाथ में कोलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद जब उसका नाम सामने आया, तब पुलिस को उसकी मौजूदगी के ठोस सुराग मिले और काफी छानबीन के बाद उसकी तस्वीर भी सामने आई। तभी से एसटीएफ और पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं।

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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order, public administration, and social issues. With a strong focus on factual accuracy and public interest journalism, he contributes investigative and field-based stories from across Uttar Pradesh.