वाराणसी में फर्जी दरोगा और प्रेस रिपोर्टर बनकर रौब दिखाना पड़ा भारी पुलिस ने अनुभव आनंद पांडेय को किया गिरफ्तार
वाराणसी: लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पुलिस पर रौब दिखाना एक युवक को भारी पड़ गया। पुलिस के अनुसार चंदौली निवासी अनुभव आनंद पांडेय खुद को कभी पुलिस का उप निरीक्षक तो कभी प्रेस रिपोर्टर बताकर पहचान पत्र दिखा रहा था। जांच में दोनों पहचान पत्र कूटरचित पाए गए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से पुलिस और प्रेस के कूटरचित पहचान पत्र के अलावा पुलिस की टोपी और वर्दी तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिस स्कॉर्पियो से वह घूम रहा था उसे भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
पांडेयपुर चौराहे पर सड़क पर खड़ी थी स्कॉर्पियो
पुलिस के अनुसार घटना 29 सितंबर की है। लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम गश्त और यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रही थी। पांडेयपुर चौराहे के पास बाटा शोरूम के सामने मुख्य मार्ग पर एक स्कॉर्पियो खड़ी मिली। वाहन के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। पुलिसकर्मियों ने वाहन चालक से गाड़ी हटाने के लिए कहा और कार्रवाई की बात कही। इस पर चालक ने पहले खुद को प्रेस रिपोर्टर बताया और एक हिंदी दैनिक के नाम से बना पहचान पत्र पुलिसकर्मियों को दिखाया।
पुलिस ने पूछा तो बदल गया परिचय
पुलिस के मुताबिक वाहन पर पुलिस लिखा होने को लेकर जब चालक से पूछताछ की गई तो उसने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का उप निरीक्षक बताया। उसने पुलिस का पहचान पत्र भी दिखाया। कार्ड पर उप निरीक्षक का पद समेत अन्य विवरण अंकित था। पुलिस को पहचान पत्र और उसके दावे पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान जब उससे पुलिस पहचान पत्र पर दर्ज पीएनओ नंबर के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने उसे वाहन समेत थाने ले जाकर पूछताछ की।
दो कूटरचित पहचान पत्र बरामद
पुलिस की तलाशी में आरोपी के पास से दो कूटरचित पहचान पत्र बरामद होने की बात सामने आई है। इनमें एक पहचान पत्र उत्तर प्रदेश पुलिस के उप निरीक्षक के नाम से था जबकि दूसरे पहचान पत्र में उसे मीडिया संस्थान का ब्यूरो चीफ दर्शाया गया था। इसके अलावा पुलिस ने चार मोबाइल फोन, पुलिस की टोपी और वर्दी भी बरामद की। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान दोनों पहचान पत्र कूटरचित पाए गए।
आरोपी की पहचान अनुभव आनंद पांडेय के रूप में
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अनुभव आनंद पांडेय उम्र करीब 30 वर्ष पुत्र पवन कुमार पांडेय निवासी पांडेयपुर मिल्की डेढ़वलिया थाना धानापुर जनपद चंदौली के रूप में हुई है। उपलब्ध पुलिस कार्रवाई और स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार आरोपी ने एमबीए तक पढ़ाई की है और फिलहाल बेरोजगार बताया गया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने फर्जी पुलिस पहचान पत्र बनवाने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल टोल शुल्क और पुलिस चालान से बचने के लिए किए जाने की बात सामने आई है।
गाड़ी पर प्रेस और पुलिस के साथ राजनीतिक झंडा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिस स्कॉर्पियो से चल रहा था उस पर प्रेस और पुलिस से संबंधित पहचान प्रदर्शित की गई थी। वाहन पर राजनीतिक ध्वज भी लगा था। पुलिस के अनुसार स्कॉर्पियो संख्या यूपी 67 एएल 3313 आरोपी के चचेरे भाई पंकज प्रसून पांडेय की बताई गई है। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में लेकर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है।
पिता और चाचा के पुलिस विभाग में होने की भी जानकारी
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के पिता पवन पांडेय आजमगढ़ में पुलिस विभाग में दीवान हैं और उसके चाचा के भी पुलिस विभाग से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि आरोपी के परिवार से संबंधित इस जानकारी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में सीमित है। पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके पास से बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की है।
रात में हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार पूछताछ और तलाशी की कार्रवाई के बाद आरोपी को रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। उसके पास से बरामद दोनों कूटरचित पहचान पत्र और चारों मोबाइल फोन को पुलिस ने कब्जे में लेकर सील कर दिया। स्कॉर्पियो को भी सीज किया गया है। मामले में लालपुर पांडेयपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 336 और 340 की उपधारा 2 के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र के इस्तेमाल की जांच शुरू की
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कूटरचित पुलिस और प्रेस पहचान पत्रों का इस्तेमाल केवल टोल और चालान से बचने के लिए किया गया था या इनके जरिए किसी अन्य व्यक्ति या संस्था पर प्रभाव डालने का प्रयास भी हुआ था। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामग्री की भी जांच कर रही है। इस जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फर्जी पहचान पत्रों पर पुलिस की कार्रवाई
लालपुर पांडेयपुर क्षेत्र की इस कार्रवाई में पुलिस ने सड़क पर यातायात बाधित करने वाले वाहन से शुरू हुई पूछताछ के दौरान युवक के दावों की जांच की। पहले प्रेस रिपोर्टर और फिर पुलिस उप निरीक्षक होने का दावा किए जाने के बाद पहचान पत्रों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार दोनों पहचान पत्र कूटरचित पाए गए। इसके बाद गिरफ्तारी और वाहन सीज करने की कार्रवाई की गई। मामले की आगे की जांच पुलिस कर रही है।
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