गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा वाराणसी में भाई बहन की डूबने से मौत परिवार में मचा कोहराम
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित गंगापुर गांव में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक हृदयविदारक हादसा हो गया। गंगा में नहाने गए भाई बहन की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने दोनों को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे ने न केवल दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
मृतकों की पहचान चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत कांवर गांव निवासी 18 वर्षीय शुभम निषाद और उसकी 10 वर्षीय बहन अनन्या के रूप में हुई है। दोनों भाई बहन अपनी बुआ के घर घूमने के लिए वाराणसी आए हुए थे। परिवार के लोगों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि रिश्तेदारी में बिताने के लिए आया यह समय इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बुआ के घर आए थे घूमने
परिजनों के अनुसार शुभम और अनन्या शनिवार को चौबेपुर क्षेत्र के गंगापुर गांव स्थित अपनी बुआ विमला देवी के घर आए थे। दोनों बच्चे महड़ौरा के एक निजी विद्यालय में अध्ययनरत थे। उनके पिता नन्दकिशोर निषाद लखनऊ में निजी नौकरी करते हैं और परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं जिनमें शुभम इकलौता बेटा था। परिवार के लोग बच्चों के वाराणसी आने को लेकर बेहद उत्साहित थे, लेकिन अगले ही दिन घटी इस घटना ने सारी खुशियां छीन लीं।
गंगा स्नान के दौरान हुआ हादसा
बताया गया कि रविवार सुबह शुभम और अनन्या गंगा स्नान के लिए घर से निकले थे। स्नान के दौरान अचानक दोनों गहरे पानी की ओर चले गए। स्थानीय लोगों के अनुसार गंगा की धारा और पानी की गहराई के कारण दोनों खुद को संभाल नहीं सके। जब तक आसपास मौजूद लोगों को स्थिति का अंदाजा हुआ तब तक दोनों पानी में डूब चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घाट की ओर दौड़ पड़े और बचाव कार्य शुरू किया गया।
ग्रामीणों ने की तलाश लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसे की खबर मिलते ही बुआ विमला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए गंगा में उतरकर दोनों की तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक चले खोज अभियान के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि जब तक उन्हें बाहर लाया गया तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया।
एक साथ दो बच्चों की मौत की खबर सुनकर गांव के लोग स्तब्ध रह गए। कई ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे बेहद मिलनसार स्वभाव के थे और छुट्टियां बिताने के लिए अपनी बुआ के घर आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी।
परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना जैसे ही चंदौली स्थित पैतृक गांव कांवर पहुंची परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तत्काल वाराणसी के लिए रवाना हो गए। अस्पताल और घटना स्थल पर पहुंचते ही माता पिता तथा अन्य रिश्तेदारों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। अपने इकलौते बेटे और बेटी को खोने का दर्द पूरे परिवार के लिए असहनीय बन गया। बाद में दोनों के शव गांव ले जाए गए जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंचे।
शवों के गांव पहुंचते ही माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पिता नन्दकिशोर निषाद मां सुनीता देवी और अन्य परिजनों की चीख पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे गांव में शोक और संवेदना का वातावरण बना रहा।
पुलिस ने की आवश्यक कार्रवाई
चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। बाद में परिजन दोनों शवों को लेकर अपने पैतृक गांव चले गए।
क्षेत्र में शोक की लहर
गंगा स्नान के दौरान हुई इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के दो बच्चों की असमय मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया। रिश्तेदारी में घूमने आए भाई बहन की मौत से दोनों परिवारों के साथ साथ ग्रामीणों में भी गहरा दुख व्याप्त है। गांव में दिनभर इस हादसे की चर्चा होती रही और लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते रहे।
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