वाराणसी में हर घर भगवा ध्वज अभियान का शुभारंभ
वाराणसी: काशी की प्राचीन चेतना और सांस्कृतिक परंपराओं के संगम स्थल मैदागिन स्थित गुरु गोरखनाथ मठ में त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में हर घर भगवा ध्वज सांस्कृतिक जन जागरण अभियान का शुभारंभ किया गया। हिंदू नववर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंदिर प्रांगण वैदिक मंत्रोच्चार और ध्वजारोहण से गूंज उठा। वातावरण में धूप दीप की सुगंध और भक्तिमय भाव स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया। आयोजन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ करना और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया।
अभियान के तहत घर घर ध्वज वितरण
अभियान के अंतर्गत दारानगर मृत्युंजय महादेव और मैदागिन क्षेत्र में घर घर भगवा ध्वज का वितरण किया गया। इसके साथ ही हिंदू नववर्ष के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े पंपलेट भी वितरित किए गए। आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सनातन परंपराओं का मूल भाव पहुंचाना है ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सके। स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों की सहभागिता से गलियों और मोहल्लों में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
मुख्य अतिथियों का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूज्य महंत योगी रामनाथ जी महाराज और वाराणसी विकास प्राधिकरण के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला उपस्थित रहे। अपने संबोधन में अंबरीश सिंह भोला ने हिंदू नववर्ष को सनातन संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि यह आत्मिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अवसर है। उन्होंने अभियान को समाज में एकता और सांस्कृतिक संरक्षण की भावना को सुदृढ करने वाला प्रयास बताया।
महंत योगी रामनाथ जी महाराज ने काशी की आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक अभियान समाज को अपने मूल्यों की ओर लौटने का अवसर देते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सांस्कृतिक पहचान को केवल प्रतीक तक सीमित न रखें बल्कि अपने आचरण और जीवन शैली में भी उसे अपनाएं।
स्थानीय सहभागिता और सामाजिक संदेश
इस अवसर पर मनीष मिश्रा अजय सिंह नीतीश सिंह गप्पू सिंह अभिषेक श्रीवास्तव गोलू उमेश सिंह दिनेश अग्रहरि विनय चौरसिया गणेश वर्मा अमन अग्रहरि योगेश विश्वकर्मा करण विश्वकर्मा अमित जायसवाल शुभम सोनकर और शिवांशु यादव सहित अनेक लोगों की सक्रिय सहभागिता रही। आयोजकों ने बताया कि आगे भी इस अभियान को वाराणसी के अन्य क्षेत्रों में विस्तार देने की योजना है ताकि अधिक से अधिक लोग सांस्कृतिक चेतना से जुड़ सकें।
पृष्ठभूमि और उद्देश्य
त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान समाज में सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और जन जागरण को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाया जा रहा है। संस्था का कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में संवाद बढ़ता है और परंपराओं के प्रति समझ विकसित होती है। वाराणसी जैसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी में इस अभियान की शुरुआत को सांस्कृतिक चेतना के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और हिंदू नववर्ष के अवसर पर सांस्कृतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की अपील की गई।
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