वाराणसी में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का खुलासा बंद पेट्रोल पंप से 200 से अधिक सिलेंडर बरामद
वाराणसी: शहर में एलपीजी गैस की कमी के बीच एक बड़ा और चिंताजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र के चौकाघाट इलाके में स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप की इमारत में पुलिस ने छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए कमर्शियल गैस सिलेंडरों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। शुरुआती जांच में यहां 200 से अधिक भरे हुए गैस सिलेंडर मिलने की पुष्टि हुई है जबकि उनकी गिनती अभी भी जारी है। इस कार्रवाई के बाद शहर में गैस सप्लाई व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही कैंट थाने की टीम मौके पर पहुंची और बंद पड़े पेट्रोल पंप की बिल्डिंग की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान अंदर का दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर करीने से रखे हुए मिले। मौके पर मौजूद लोगों से जब इन सिलेंडरों से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो कोई वैध अनुमति या कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध भंडारण के पीछे कौन कौन लोग शामिल हैं।
थाना प्रभारी का बयान और प्रारंभिक जांच
कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का एक ही स्थान पर भंडारण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बरामद सिलेंडर मिर्जापुर जिले के अदलहाट क्षेत्र की एक गैस एजेंसी से जुड़े हो सकते हैं।
आरोप है कि एजेंसी संचालकों द्वारा इन सिलेंडरों को अवैध रूप से यहां स्टोर किया गया था और बाद में इन्हें शहर के होटलों ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेचा जा रहा था। हालांकि पुलिस ने कहा है कि इस संबंध में विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
स्थानीय लोगों ने जताई हैरानी
स्थानीय निवासियों के अनुसार लंबे समय से बंद पड़े इस पेट्रोल पंप के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। देर रात गाड़ियों का आना जाना और सामान की आवाजाही लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। हालांकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यहां इस स्तर पर गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है।
शहर में पहले से गैस की कमी के चलते आम उपभोक्ता परेशान हैं और ऐसे में कालाबाजारी की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
जिला आपूर्ति विभाग की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी को मौके पर बुलाया गया है। विभाग की टीम द्वारा बरामद सिलेंडरों की जांच की जा रही है ताकि उनके स्रोत और वितरण प्रणाली का पता लगाया जा सके। साथ ही संबंधित गैस एजेंसी के लाइसेंस और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध भंडारण और कालाबाजारी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन कौन लोग शामिल हैं और कितने समय से यह गतिविधि चल रही थी।
फिलहाल बरामद सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी गिनती तथा दस्तावेजी प्रक्रिया जारी है। पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना है।
पृष्ठभूमि और व्यवस्था पर सवाल
वाराणसी जैसे बड़े शहर में एलपीजी गैस की आपूर्ति एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है जो आम नागरिकों से लेकर छोटे व्यवसायों तक को प्रभावित करती है। ऐसे में अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर सप्लाई जैसी गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि आम लोगों के अधिकारों पर भी सीधा असर डालती हैं।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में पारदर्शिता और सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई कर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए।
LATEST NEWS