वाराणसी में कांवड़ यात्रा की तैयारियों का पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्षण
वाराणसी: श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल तथा जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने बुधवार को रिंग रोड फेज दो पर रखौना से हरहुआ तक कांवड़ यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का व्यापक जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी और संवेदनशील तरीके से संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रखौना अंडरपास पर यातायात व्यवस्था की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रखौना अंडरपास पर संभावित यातायात दबाव और जाम की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान वैकल्पिक यातायात मार्गों की समीक्षा करते हुए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ साथ आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
विश्राम स्थल पुलिस सहायता केंद्र और चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण
पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थापित विश्राम स्थलों अस्थायी पुलिस सहायता केंद्रों चिकित्सा शिविरों तथा यातायात प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कांवड़ यात्रियों के लिए एक लेन पूरी तरह आरक्षित
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रयागराज से मोहनसराय होते हुए रिंग रोड पर रखौना से हरहुआ तक एक लेन पूरी तरह कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी। इस लेन में किसी अन्य वाहन के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुरक्षित और सुगम बना रहे।
कटों पर जिग जैग बैरिकेडिंग और चौबीस घंटे पुलिस तैनाती
कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुर्घटनाओं और अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सभी कटों पर जिग जैग बैरिकेडिंग लगाने तथा अवैध कटों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक महत्वपूर्ण कट और निर्धारित दूरी पर पीआरवी तथा फैंटम टीम की चौबीस घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहने के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुविधा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरि मीणा अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नृपेन्द्र कुमार अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय के साथ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पृष्ठभूमि
श्रावण मास में वाराणसी से होकर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। इस दौरान यातायात का दबाव बढ़ने के साथ सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। इसी को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन ने रिंग रोड फेज दो पर व्यापक तैयारियां करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना तथा आम लोगों की आवाजाही को भी सुचारु बनाए रखना है।
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