वाराणसी: लहरतारा ओवरब्रिज पर KTM-ऑटो की आमने-सामने टक्कर, युवक की मौत

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लहरतारा ओवरब्रिज पर देर रात KTM बाइक और ऑटो की आमने-सामने टक्कर, ट्रॉमा सेंटर में युवक की मौत।

वाराणसी 21 जनवरी। काशी के व्यस्त लहरतारा ओवरब्रिज पर सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रात करीब 11 बजे तेज रफ्तार KTM बाइक और एक ऑटो रिक्शा के बीच आमने सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अचेत अवस्था में तुरंत एंबुलेंस से वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान फुलवरिया कैंटोनमेंट निवासी मुकेश कश्यप के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मुकेश देर रात अपनी KTM बाइक से किसी काम से जा रहा था। जैसे ही वह लहरतारा ओवरब्रिज पर पहुंचा तभी सामने से आ रहे ऑटो रिक्शा से उसकी बाइक की सीधी भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद ओवरब्रिज पर अफरा तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को सड़क से हटाया और एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल भिजवाया।

ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने मुकेश की हालत बेहद नाजुक बताई। गंभीर चोटों के चलते काफी प्रयास के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ऑटो रिक्शा को अपने कब्जे में लेकर लहरतारा चौकी ले गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लहरतारा ओवरब्रिज पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं लेकिन इसके बावजूद न तो यातायात व्यवस्था को लेकर कोई सख्ती बरती जा रही है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों का यह भी कहना है कि ओवरब्रिज पर स्ट्रीट लाइट तो लगी हुई हैं लेकिन रोशनी पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा CCTV कैमरे और ट्रैफिक कंट्रोल के प्रभावी इंतजामों का भी अभाव है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि लहरतारा ओवरब्रिज पर जल्द से जल्द ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा एक बार फिर वाराणसी में सड़क सुरक्षा की गंभीर कमियों को उजागर करता है और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।