वाराणसी में सुना गया प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का 136वां एपिसोड युवा शक्ति आत्मनिर्भर भारत और जल संरक्षण पर रहा विशेष जोर
वाराणसी: 77 संसदीय क्षेत्र स्थित संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कार्यालय प्रभारी शिवसरन पाठक के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए युवा शक्ति, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता, खेल जगत में भारत की उपलब्धियों तथा जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और उनके संदेशों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
युवा शक्ति को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के युवा आज विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, खेल, नवाचार और उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति ही विकसित भारत के निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। प्रधानमंत्री ने युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार की भावना की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने वाले युवा भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं।
महिला क्रिकेट टीम और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने महिला खिलाड़ियों की सफलता को समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आधुनिक रक्षा उपकरणों और तकनीक के निर्माण में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति तक सीमित नहीं है बल्कि रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कैच द रेन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षा जल संरक्षण के लिए देशभर में जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व प्रचारक को दी गई श्रद्धांजलि
मन की बात कार्यक्रम के समापन के बाद पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं पूर्व प्रचारक जय प्रकाश चतुर्वेदी के निधन पर उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उनके सामाजिक और संगठनात्मक योगदान को भी स्मरण किया गया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में कार्यालय प्रभारी शिवसरन पाठक के साथ पूर्व एमएलसी वीणा पांडेय, निर्मला पटेल, डॉ नंदकिशोर पांडेय, शिवांग, अजय प्रताप सिंह, जगन्नाथ ओझा, हरदत्त शुक्ला, पार्षद रविंद्र सिंह, विनीत सिंह, रमाशंकर पटेल, सुमित मिश्रा, विजय सेठ, अरविंद चौधरी, अमित त्रिगुण, पूनम जायसवाल, सोनी शर्मा, बबीता चौरसिया, रितिक मिश्रा, गौरव पांडेय, कपिल त्रिपाठी, जयप्रकाश सिंह, लाल बाबू, विशाल केशरी और शशि सोनकर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन पवन शर्मा ने किया। उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
सामाजिक सहभागिता और जन जागरूकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और जनभागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। युवा शक्ति को प्रोत्साहन, आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, खेलों में बढ़ती उपलब्धियां और जल संरक्षण जैसे विषय समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रेरित करने वाले हैं। उपस्थित लोगों ने कहा कि इन संदेशों को व्यवहार में उतारकर ही विकसित और सशक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
LATEST NEWS