वाराणसी में ड्यूटी के दबाव के बीच रिक्रूट सिपाही ने व्हाट्सऐप ग्रुप में डाला इस्तीफा अधिकारियों की काउंसिलिंग के बाद वापस लिया
वाराणसी: पुलिस विभाग में ड्यूटी के दबाव और जवानों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को लेकर रामनगर थाने से जुड़ा एक मामला सामने आया है। रामनगर थाने में तैनात 22 वर्षीय रिक्रूट सिपाही देवगन चौहान ने सोमवार रात थाना पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुप में पुलिस आयुक्त के नाम अपना इस्तीफा डाल दिया। इस्तीफे में सिपाही ने लगातार ड्यूटी करने में असमर्थता जताते हुए स्वयं को पुलिस सेवा से कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। पत्र व्हाट्सऐप ग्रुप में पहुंचने के बाद पुलिस महकमे में इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल सिपाही को बुलाकर उसकी बात सुनी और काउंसिलिंग की। समझाने और बातचीत के बाद सिपाही ने अपना फैसला बदलते हुए इस्तीफा वापस ले लिया और व्हाट्सऐप ग्रुप से इस्तीफे की कॉपी हटा दी। इस दौरान इस्तीफे के पत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
पुलिस आयुक्त के नाम लिखा था इस्तीफा
सिपाही की ओर से पुलिस आयुक्त के नाम लिखे गए इस्तीफे में उसकी ड्यूटी को लेकर परेशानी साफ तौर पर सामने आई थी। पत्र में उसने लगातार 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन काम करने में असमर्थता जताई थी। सिपाही ने अपनी स्थिति बताते हुए यह भी लिखा था कि उसमें किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं हैं और इसलिए वह लगातार ड्यूटी करने में सक्षम नहीं है। इसके बाद उसने पुलिस आयुक्त से उसे सेवा से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया। पत्र के थाना पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुप में पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय में पत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित होने लगी।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मरीज की सुरक्षा की ड्यूटी
मामले की पृष्ठभूमि में सामने आया है कि देवगन चौहान की ड्यूटी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज करा रहे एक मरीज की सुरक्षा में लगाई गई थी। रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा के अनुसार सिपाही इसी ड्यूटी को लेकर परेशान था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हाल के दिनों में उसकी ड्यूटी लगातार बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में लग रही थी। ड्यूटी के दबाव और अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बीच वह तनाव में था। इसी स्थिति में उसने पुलिस आयुक्त के नाम इस्तीफे का पत्र तैयार किया और उसे थाना पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया। इस ग्रुप में थाना प्रभारी के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े हुए हैं। इसलिए पत्र सामने आते ही अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया।
लगातार रात की ड्यूटी के बाद सुबह भी लगाई गई ड्यूटी
सिपाही ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखते हुए बताया कि हाल के दिनों में उसकी ड्यूटी लगातार रात करीब 10 बजे तक बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में लग रही थी। इसी बीच मंगलवार सुबह आठ बजे भी उसकी ड्यूटी लगा दी गई। सिपाही छुट्टी की मांग कर रहा था लेकिन तत्काल छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई। इसके बाद तनाव की स्थिति में उसने इस्तीफा लिखकर व्हाट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। हालांकि रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा का कहना था कि मंगलवार सुबह लगाई गई ड्यूटी करीब आधे घंटे की थी और पुलिसकर्मियों के अवकाश तथा उनकी संतुष्टि का पूरा ध्यान रखा जाता है।
एसीपी कोतवाली ने बुलाकर की काउंसिलिंग
इस्तीफे की जानकारी मिलने के बाद एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने सिपाही को बुलाकर उससे बातचीत की। अधिकारियों ने उसकी परेशानी को समझने का प्रयास किया और उसे बताया कि ड्यूटी या निजी जीवन से जुड़ी किसी भी समस्या को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा जा सकता है। बातचीत के दौरान सिपाही की परिस्थितियों को समझने के बाद उसे भरोसा दिलाया गया कि समस्या का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। काउंसिलिंग के बाद सिपाही ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और व्हाट्सऐप ग्रुप से इस्तीफे की कॉपी भी हटा दी।
पारिवारिक परिस्थितियों से भी परेशान था सिपाही
रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा के अनुसार सिपाही ड्यूटी के अलावा पारिवारिक कारणों से भी परेशान चल रहा था। ऐसे में लगातार ड्यूटी और निजी परिस्थितियों के बीच उसका तनाव बढ़ गया था। इसी स्थिति में उसने भावावेश में इस्तीफा व्हाट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। अधिकारियों ने उसकी बात सुनी और उसे समझाया कि विभागीय स्तर पर किसी भी समस्या को बातचीत के माध्यम से सामने रखा जा सकता है। अधिकारियों की काउंसिलिंग के बाद सिपाही ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
पांच दिन का अवकाश भी हुआ स्वीकृत
सिपाही की परेशानी को देखते हुए बाद में उसका पांच दिन का अवकाश भी स्वीकृत कर दिया गया। जानकारी के अनुसार देवगन चौहान 10 सितंबर से पांच दिन के अवकाश पर अपने घर जाएगा। अधिकारियों की ओर से बातचीत के बाद इस्तीफा वापस लेने के साथ छुट्टी स्वीकृत किए जाने से तत्काल स्थिति सामान्य हो गई। सिपाही के इस्तीफे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण यह मामला पुलिस विभाग की ड्यूटी व्यवस्था और जवानों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को लेकर चर्चा में जरूर आ गया।
ड्यूटी के दबाव के बीच संवाद की जरूरत का मामला
रामनगर थाने से सामने आया यह मामला फिलहाल किसी बड़े विभागीय विवाद या कार्रवाई के रूप में सामने नहीं आया है। यह एक युवा रिक्रूट सिपाही की ड्यूटी, पारिवारिक परिस्थितियों और तनाव से जुड़ा मामला है। पुलिस सेवा में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी के कारण जवानों को अलग अलग परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद इस घटना में सिपाही ने अपनी परेशानी को इस्तीफे के माध्यम से सामने रखा। अधिकारियों ने भी मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए उसे बुलाया और बातचीत के जरिए स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस्तीफा देने के बाद सिपाही को अधिकारियों ने बातचीत का अवसर दिया और उसकी समस्या सुनी। काउंसिलिंग के बाद उसने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। साथ ही पांच दिन का अवकाश भी स्वीकृत किया गया। फिलहाल देवगन चौहान के पुलिस सेवा छोड़ने की स्थिति नहीं है। अधिकारियों से बातचीत के बाद उसका इस्तीफा वापस हो चुका है। हालांकि इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के साथ उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को समझने तथा समय पर संवाद स्थापित करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
पृष्ठभूमि
रामनगर थाना वाराणसी कमिश्नरेट के महत्वपूर्ण थानों में शामिल है। यहां तैनात पुलिसकर्मियों को कानून व्यवस्था के साथ सुरक्षा और अन्य पुलिस ड्यूटियों की जिम्मेदारी निभानी होती है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर मरीजों की सुरक्षा के लिए भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसी ड्यूटी से जुड़े दबाव के बीच रिक्रूट सिपाही देवगन चौहान द्वारा इस्तीफा व्हाट्सऐप ग्रुप में डाले जाने की घटना सामने आई। अधिकारियों की ओर से तत्काल हस्तक्षेप और काउंसिलिंग के बाद मामला फिलहाल सुलझ गया है।
LATEST NEWS