नवरात्र में आस्था पर कीचड़ का साया रामबाग दुर्गा मंदिर मार्ग पर गंदे पानी और हादसों से जूझते श्रद्धालु
वाराणसी: रामनगर में नवरात्र के पावन पर्व के दौरान जहां एक ओर शहर का माहौल भक्ति और आस्था में डूबा हुआ है वहीं दूसरी ओर रामबाग दुर्गा मंदिर रोड पर श्रद्धालुओं को जिन हालातों का सामना करना पड़ रहा है वह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मंदिर दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़ के बीच यह मार्ग गंदे पानी फिसलन और अव्यवस्थित यातायात के कारण बेहद जोखिम भरा बन गया है। हजारों श्रद्धालु इस रास्ते से गुजरते हुए न केवल असुविधा बल्कि संभावित हादसों के खतरे से भी जूझ रहे हैं।
जलभराव और कीचड़ ने बढ़ाई परेशानी
रामबाग दुर्गा मंदिर रोड इस समय श्रद्धालुओं की मुख्य आवाजाही का केंद्र बना हुआ है लेकिन इसकी स्थिति बेहद खराब है। सड़क पर कई स्थानों पर गंदा पानी जमा है जिससे राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है। गुजरते वाहनों के कारण यह पानी राहगीरों और श्रद्धालुओं पर छिटकता है जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। कई जगहों पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी है और फिसलन के कारण गिरने का खतरा बना रहता है।
दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर टोटो और छोटे वाहन अक्सर असंतुलित होकर पलट जाते हैं। अब तक कई लोग इस वजह से घायल हो चुके हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है जिन्हें इस अव्यवस्था में चलना बेहद कठिन लग रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
श्रद्धालुओं की पीड़ा
दर्शन के लिए आई अड़सठ वर्षीय सावित्री देवी ने कहा कि हम हर साल माता के दर्शन के लिए आते हैं लेकिन इस बार हालात बहुत खराब हैं। गंदा पानी कपड़ों पर गिर रहा है और फिसलन के कारण गिरने का डर बना रहता है। वहीं बहत्तर वर्षीय रामदुलारी देवी ने कहा कि बुजुर्गों के लिए यह रास्ता बहुत खतरनाक हो गया है और कई बार संतुलन बिगड़ते बिगड़ते बचा है।
स्थानीय युवाओं की सराहनीय पहल
जब प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई तो क्षेत्र के कुछ युवाओं ने खुद पहल करते हुए सड़क के गड्ढों और जलभराव वाले हिस्सों में पत्थर और मलबा डालकर रास्ता बनाने की कोशिश की। आशीष राय सुरेश यादव और उमेश सोनकर सहित अन्य युवाओं ने मिलकर यह प्रयास किया जिससे श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिल सकी। यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है जिसने कई लोगों को गिरने और चोटिल होने से बचाया।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम नागरिक खुद आगे आकर व्यवस्था संभालने को मजबूर हैं तो संबंधित विभागों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। दुकानदारों का कहना है कि यदि ये युवा मदद के लिए आगे नहीं आते तो अब तक कई गंभीर घटनाएं हो सकती थीं। लोगों का मानना है कि केवल अस्थायी उपायों से स्थिति नहीं सुधरेगी इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा
यह मार्ग न केवल श्रद्धालुओं बल्कि भारी वाहनों के आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में जलभराव और अव्यवस्थित यातायात किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह स्थिति अब केवल असुविधा तक सीमित नहीं रही बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन गई है।
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रदेश में इस तरह की स्थिति उचित नहीं है। साथ ही कैंट क्षेत्र के विधायक सौरभ श्रीवास्तव से भी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
आस्था के साथ संघर्ष की स्थिति
नवरात्र जैसे पवित्र अवसर पर जब श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मां दुर्गा के दर्शन के लिए निकलते हैं तब उन्हें इस तरह की बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़े यह चिंताजनक है। फिलहाल रामबाग दुर्गा मंदिर रोड की स्थिति यह संकेत दे रही है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
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