वाराणसी में बड़ा हादसा टला दांडी घाट पर गंगा में डूब रहे बुजुर्ग श्रद्धालु को एनडीआरएफ ने बचाया
वाराणसी। महादेव की नगरी काशी के दांडी घाट पर आज मंगलवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक बुजुर्ग श्रद्धालु गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर पिकेट ड्यूटी में तैनात 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ के बचावकर्मियों की नजर जैसे ही डूब रहे श्रद्धालु पर पड़ी, टीम तत्काल सक्रिय हो गई। जवानों ने लाइफ बॉय की मदद से श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते हुए हुए इस रेस्क्यू के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए श्रद्धालु
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना आज मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे की है। उस समय वाराणसी के घाटों पर गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के निवासी 63 वर्षीय एस मुतायन भी दांडी घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और खुद को संभाल नहीं सके। देखते ही देखते वह पानी में डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों की नजर भी इस स्थिति पर गई। इसी दौरान घाट पर तैनात एनडीआरएफ के जवानों ने स्थिति को भांप लिया और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
पिकेट ड्यूटी पर तैनात जवानों ने शुरू किया रेस्क्यू
ड्यूटी पर मौजूद एनडीआरएफ बचावकर्मियों ने बिना समय गंवाए श्रद्धालु की ओर लाइफ बॉय पहुंचाया। रेस्क्यू टीम ने पानी में फंसे बुजुर्ग को लाइफ बॉय का सहारा दिया और उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर लाया। बचावकर्मियों की तत्परता के कारण श्रद्धालु को समय रहते पानी से बाहर निकाल लिया गया। सुरक्षित तट पर पहुंचाने के बाद उनकी प्राथमिक जांच की गई। एनडीआरएफ की कार्रवाई के बाद श्रद्धालु सुरक्षित पाए गए।
घटना के दौरान घाट पर मौजूद स्थानीय पंडा पुजारियों, नाविकों और अन्य श्रद्धालुओं ने बचाव अभियान को देखा। श्रद्धालु के सुरक्षित बाहर आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। एनडीआरएफ की टीम ने जिस तेजी से स्थिति पर प्रतिक्रिया दी, उससे संभावित डूबने की घटना को समय रहते टाल दिया गया।
घाटों पर तैनात रहती है एनडीआरएफ की बचाव टीम
वाराणसी के प्रमुख घाटों पर गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बचाव दलों की तैनाती की जाती है। पिकेट ड्यूटी पर तैनात जवान आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू कार्रवाई करने के साथ ही घाटों पर आने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी सावधानियों के बारे में भी जानकारी देते हैं। दांडी घाट की घटना में भी पिकेट ड्यूटी पर मौजूद जवानों की सतर्कता के कारण डूब रहे श्रद्धालु को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
लाल निशान और बैरिकेडिंग के भीतर स्नान करने की अपील
घटना के बाद एनडीआरएफ की ओर से गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की गई है। बचाव दल ने लोगों से कहा है कि घाटों पर निर्धारित लाल निशान और बैरिकेडिंग के भीतर रहकर ही स्नान करें। गंगा में स्नान करते समय गहरे पानी की ओर जाने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बुजुर्गों और ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है जिन्हें तैरना नहीं आता।
जलस्तर और जलधारा में बदलाव को लेकर सावधानी जरूरी
एनडीआरएफ के अनुसार बदलते मौसम, मानसून और गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव के दौरान नदी की स्थिति बदल सकती है। पानी की सतह शांत दिखाई देने के बावजूद नदी के भीतर जलधारा का वेग अलग हो सकता है। ऐसे में गहराई का सही अनुमान लगाना मुश्किल होता है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए गए बैरिकेड और निर्धारित सीमा का उल्लंघन न करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें।
आपात स्थिति में तत्काल बचाव दल को सूचना दें
एनडीआरएफ ने घाटों पर मौजूद लोगों से अपील की है कि यदि किसी श्रद्धालु के साथ कोई आपात स्थिति होती दिखाई दे तो स्वयं गहरे पानी में उतरकर जोखिम लेने के बजाय तत्काल नजदीकी पिकेट ड्यूटी या बचाव दल को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से बचावकर्मी तेजी से कार्रवाई कर सकते हैं। दांडी घाट पर मंगलवार सुबह हुई घटना में भी पिकेट ड्यूटी पर मौजूद एनडीआरएफ जवानों ने समय रहते स्थिति को पहचानकर रेस्क्यू शुरू किया और 63 वर्षीय तमिलनाडु निवासी श्रद्धालु एस मुतायन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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