- वाराणसी में 97 करोड़ से बनेगा हाईटेक नगर निगम मुख्यालय, शिवलिंग आकार में दिखेगा नया भवन
- जी प्लस फोर संरचना, भविष्य में सात मंजिल तक विस्तार की योजना
- भूतल पर आम जनता के लिए सभी सुविधाएं
- प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला सदन हॉल
- विभागों का व्यवस्थित बंटवारा
- काशी और गंगा की सांस्कृतिक झलक
- सुशासन और डिजिटल सुविधा का संगम
वाराणसी में 97 करोड़ से बनेगा हाईटेक नगर निगम मुख्यालय, शिवलिंग आकार में दिखेगा नया भवन
वाराणसी के सिगरा स्थित नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। जर्जर हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्त कर यहां करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य और हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा। यह अत्याधुनिक भवन काशी और गंगा की थीम पर आधारित होगा और इसकी बाहरी बनावट शिवलिंग की आकृति जैसी दिखाई देगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे जाने की तैयारी है।
जी प्लस फोर संरचना, भविष्य में सात मंजिल तक विस्तार की योजना
प्रस्तावित भवन वर्तमान में जी प्लस फोर संरचना के रूप में निर्मित किया जाएगा, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 21858.01 वर्ग मीटर होगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे भविष्य में जी प्लस सेवन तक विस्तारित करने का भी विकल्प रखा गया है। निर्माण कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस उप्र जल निगम द्वारा ईपीसी मोड पर किया जाएगा और इसे 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भूतल पर आम जनता के लिए सभी सुविधाएं
भवन के भूतल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि नागरिकों को एक ही परिसर में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हो सकें। यहां पुलिस चौकी, बैंक, पोस्ट ऑफिस, जनसंपर्क कार्यालय, डाटा सेंटर, कंप्यूटर सेल, कैंटीन और जन्म मृत्यु पंजीकरण कक्ष की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा रिकॉर्ड रूम, कैश काउंटर, वॉल्ट रूम, मीटिंग रूम, ग्रीन रूम, जेसीओ रूम और यूनियन हॉल भी बनाए जाएंगे। टैक्स कलेक्शन रूम और सर्वर रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी इसी तल पर रहेंगी।
प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला सदन हॉल
भवन के प्रथम तल पर 180 पार्षदों की क्षमता वाला भव्य सदन हॉल बनाया जाएगा। यहां लोकतांत्रिक चर्चाओं और नगर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्याधुनिक ध्वनि और डिजिटल व्यवस्थाएं की जाएंगी। यह हॉल नगर निगम की कार्यवाही का मुख्य केंद्र होगा।
विभागों का व्यवस्थित बंटवारा
द्वितीय तल पर पार्षदों के लिए विशेष कक्ष और वीवीआईपी कक्ष प्रस्तावित हैं। तृतीय तल पर मीटिंग रूम और टैक्स विभाग संचालित होंगे। चतुर्थ तल पर महापौर, नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्तों के कार्यालय के साथ एक बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। पूरे भवन में दो लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और उच्च स्तरीय सर्वर रूम की व्यवस्था रहेगी, जिससे प्रशासनिक कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
काशी और गंगा की सांस्कृतिक झलक
नया नगर निगम मुख्यालय केवल प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि स्थापत्य कला के लिहाज से भी विशेष होगा। इसकी बाहरी डिजाइन काशी और गंगा की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाएगी। शिवलिंग आकार की संरचना इसे विशिष्ट स्वरूप देगी, जो शहर की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक होगी।
सुशासन और डिजिटल सुविधा का संगम
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि यह भवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सुशासन का प्रतीक बनेगा। एक ही छत के नीचे डिजिटल तकनीक और पारंपरिक सांस्कृतिक भावनाओं का संगम देखने को मिलेगा। इससे नागरिकों को सेवाएं प्राप्त करने में सुगमता होगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी का व्यापक कायाकल्प जारी है। सिगरा स्थित नगर निगम का यह नया सदन भवन न केवल अधिकारियों और पार्षदों के लिए आधुनिक कार्यस्थल बनेगा बल्कि अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक थीम के कारण शहर की नई पहचान भी बनेगा। इसे नगर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
