वाराणसी: कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला वाराणसी के चिरईगांव क्षेत्र से सामने आया है, जहां चिरईगांव चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विकास मौर्य को एक व्यक्ति द्वारा लगातार गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज प्रकरण उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी न केवल मौखिक रूप से धमकी दे रहा था, बल्कि उसने फोन, व्हाट्सएप और शासन की शिकायत प्रणाली आईजीआरएस के माध्यम से भी दबाव बनाने और भय फैलाने की कोशिश की।
मामले में आरोपी की पहचान रेवती रमन पाण्डेय निवासी चिरईगांव के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा लिटिल फ्लावर विद्यालय, संदहा के खिलाफ लगातार झूठी और भ्रामक शिकायतें की जा रही थीं, जिनका उद्देश्य पुलिस को गुमराह करना और व्यक्तिगत रंजिश निकालना था। विस्तृत जांच के बाद यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि आरोपी पूर्व में उसी विद्यालय में गार्ड के पद पर कार्यरत था, लेकिन आचरण और अनुशासनहीनता के चलते उसे नौकरी से हटा दिया गया था। इसी कारणवश वह लंबे समय से रंजिश पालकर फर्जी प्रार्थना पत्र और शिकायतें करता आ रहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट लगाई गई और आरोपी की शिकायतें निराधार पाई गईं, तो उसने कानून के दायरे में रहने के बजाय चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विकास मौर्य को सीधे निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए सरकारी तंत्र को डराने का प्रयास किया। यह स्थिति न केवल एक पुलिस अधिकारी की सुरक्षा से जुड़ी है, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की गरिमा और कानून के सम्मान पर भी सवाल खड़े करती है।
थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पुलिस अधिकारी को धमकाना, गाली-गलौज करना या सरकारी माध्यमों का दुरुपयोग करना गंभीर अपराध है और ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ और रंजिश में सरकारी शिकायत प्रणालियों और संचार माध्यमों का दुरुपयोग कर प्रशासनिक अधिकारियों को डराने की कोशिश करते हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपी के हर कदम का कानूनी जवाब दिया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में लेने या पुलिस पर दबाव बनाने का साहस न कर सके।
