वाराणसी कमिश्नरेट क्षेत्र में बारात और अन्य आयोजनों के दौरान सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सड़क अवरोध और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से दिनांक 03-02-2026 को एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में यातायात लाइन सभागार में संपन्न हुई। गोष्ठी में मैरिज लॉन और बैंक्वेट हॉल संचालकों के साथ साथ बैंड बाजा और डीजे संचालकों को आमंत्रित कर स्पष्ट और व्यावहारिक दिशा निर्देश दिए गए ताकि शहर में यातायात बाधित न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस आयुक्त महोदय ने कहा कि वाराणसी कमिश्नरेट क्षेत्र में आयोजनों की संख्या अधिक होने के कारण यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी मैरिज लॉन और बैंक्वेट हॉल संचालकों को निर्देशित किया गया कि अनुमोदित नक्शे में दर्शाई गई पार्किंग व्यवस्था का ही उपयोग किया जाए। बारात और अतिथि वाहनों की पार्किंग केवल परिसर के अंदर निर्धारित स्थान पर ही होनी चाहिए। यदि यह पाया गया कि निर्धारित पार्किंग का उपयोग किसी अन्य प्रयोजन के लिए किया जा रहा है तो संबंधित लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि मैरिज लॉन संचालक अपने स्तर से 3 से 4 कर्मचारियों की तैनाती बाहर पार्किंग व्यवस्था सुचारु रखने के लिए करें और आयोजन के दौरान सड़क पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण या यातायात बाधा उत्पन्न न होने दें। बारात निकालने से पूर्व मार्ग निर्धारित कर यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित करना भी अनिवार्य बताया गया।
बैंड बाजा संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पटाखे फोड़ना अत्यधिक शोर करना या कोई भी ऐसा कार्य जिससे यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बारात के संचरण के दौरान रस्सी का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने को कहा गया ताकि सड़क का दो तिहाई भाग सामान्य यातायात के लिए खुला रहे और केवल एक तिहाई भाग का उपयोग विशेष परिस्थितियों में किया जाए। इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित बैंड बाजा संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
डीजे और लाउडस्पीकर संचालकों को रात्रि 10 बजे के बाद डीजे बंद कराने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्धारित समय के बाद डीजे बजाने का दबाव बनाया जाता है तो तत्काल डायल 112 पर सूचना देने को कहा गया। साथ ही 80 डेसीबल से अधिक ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग को पूर्णतः वर्जित बताया गया और डीजे वाहन को सड़क किनारे या यातायात बाधित करने वाले स्थान पर खड़ा न करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस आयुक्त महोदय ने अंत में स्पष्ट किया कि उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरि मीणा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मैरिज लॉन संचालक तथा डीजे संचालक उपस्थित रहे।
