वाराणसी: रामनगर के गोलाघाट वार्ड नंबर 12 में इन दिनों भक्तिभाव और सांस्कृतिक आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है। प्रिंस स्पोर्टिंग क्लब के तत्वावधान में विद्या, बुद्धि और वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की भव्य स्थापना की गई है। मां वीणा वादिनी के पावन आगमन से पूरा क्षेत्र श्रद्धा, शांति और दिव्यता के भाव से सराबोर हो उठा है। जैसे ही मां सरस्वती विराजमान हुईं, वातावरण में श्वेत आभा, मधुर स्वर और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम दिखाई देने लगा।
गोलाघाट के पास स्थित हनुमान मंदिर गुफा बीर के समीप स्थापित इस पावन पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। मां सरस्वती की सौम्य प्रतिमा, वीणा के मधुर स्वर का प्रतीकात्मक संदेश और उनके चरणों में अर्पित श्रद्धा मानो हर भक्त के मन को ज्ञान और विवेक की ओर प्रेरित कर रही है। कार्यक्रम की शुरुआत मां वीणा वादिनी की विशेष प्रार्थना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई, जिसमें विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि की कामना की गई। प्रार्थना के दौरान उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर मां की आराधना में लीन नजर आए।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में प्रिंस स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष सुरेश चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके साथ सहयोगी के रूप में राहुल चौहान, आशीष सरोज, आनंद चौहान, दीपक चौहान, रवि चौहान, रवि शर्मा, आशुतोष चौहान, उज्जवल चौहान सहित समिति के सभी सदस्यों ने समर्पण भाव से योगदान दिया। आयोजन समिति ने बताया कि इस स्थापना का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना भी है।
मां सरस्वती की इस भव्य स्थापना ने न केवल धार्मिक वातावरण को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी सुंदर संदेश दिया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां के दर्शन मात्र से मन को शांति, बुद्धि को स्थिरता और जीवन को दिशा मिलती है। कार्यक्रम स्थल पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और हर कोई मां वीणा वादिनी के चरणों में शीश नवाकर ज्ञान और सफलता की कामना करता नजर आया।
कुल मिलाकर, रामनगर गोलाघाट में आयोजित यह आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण का ऐसा अविस्मरणीय संगम बन गया है, जिसकी आध्यात्मिक अनुभूति लंबे समय तक भक्तों के हृदय में अंकित रहेगी। मां सरस्वती की कृपा से यह पावन अवसर क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा और दिव्यता का प्रतीक बनकर उभरा है।
