वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र में अवैध पेट्रोल डीजल कटिंग के खिलाफ पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है। भीटी पुलिस चौकी के पास चंदौली मार्ग पर स्थित विश्वनाथ ढाबा के पीछे लंबे समय से चल रहे अवैध पेट्रोल डीजल कटिंग के खेल का पर्दाफाश करते हुए टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में तीन टैंकर और कटिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के साथ भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बरामद किया गया, जबकि मौके से कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार भोर करीब तीन बजे एसपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसओजी फर्स्ट और रामनगर पुलिस की टीम ने एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके पर दो टैंकर सहित कई लोग अवैध रूप से पेट्रोल डीजल की कटिंग करते हुए पकड़े गए। जांच में सामने आया कि यहां से तीन टैंकरों में भरा लगभग 84 हजार लीटर पेट्रोल और तीन ड्रमों में रखा करीब 550 लीटर अवैध डीजल जब्त किया गया। पुलिस का कहना है कि यह रामनगर क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी अवैध पेट्रोल डीजल कटिंग की कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह अवैध गतिविधि बीते कई महीनों से चल रही थी और इसका नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा खेल भीटी पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर चल रहा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस कार्रवाई ने न केवल अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त कर दिए, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली को भी उजागर कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में अलीनगर थाना क्षेत्र के गौतम नगर निवासी आलोक कुमार सोनू, अलीनगर निवासी विवेक कुमार, सुल्तानपुर निवासी प्रेमचंद यादव और सोनभद्र निवासी सद्दाम बेग शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद चार लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि शेष पांच आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है। देर शाम तक पुलिस टीम आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पेट्रोल डीजल की सप्लाई चेन की जानकारी जुटाने में लगी रही।
इस पूरी कार्रवाई में एसपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, एसओजी प्रभारी गौरव सिंह, उप निरीक्षक आयुष पांडेय, आरक्षी आलोक मौर्य, रामशंकर यादव, अंकित मिश्रा समेत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गुलाब चंद्र और सप्लाई इंस्पेक्टर पुलकित वत्स तथा संजय सिंह की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध पेट्रोल डीजल कटिंग के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और इस कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे अवैध पेट्रोल डीजल कटिंग के खेल के पीछे कितने लोग शामिल थे, किसके संरक्षण में यह धंधा फलफूल रहा था और कितनों को मोटी कमीशन मिल रही थी, यह सब जांच का विषय है, अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इन सभी पहलुओं को उजागर कर पाती है या फिर कार्रवाई केवल औपचारिक कोरम तक ही सीमित रह जाती है।
