नेपाल रूट से घुसपैठ की साजिश नाकाम, वाराणसी के रामनगर में बांग्लादेशी युवक गिरफ्तार
वाराणसी में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है जहां रामनगर थाना क्षेत्र से एक बांग्लादेशी युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि वह नेपाल के रास्ते भारत में अवैध प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस के साथ साथ खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं और पूरे मामले की बहु एजेंसी स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार सुजाबाद आर्मी ग्राउंड के पास नियमित गश्त के दौरान एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। जब उसे रोका गया और पूछताछ की गई तो वह अपने बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर रामनगर थाने लाया गया जहां सख्ती से पूछताछ में उसकी पहचान सैंतीस वर्षीय मोहम्मद बशर के रूप में हुई। वह बांग्लादेश के ढाका क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह बीस फरवरी को नेपाल पहुंचा था और वहीं से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।
फर्जी पहचान के जरिए छिपाई असली पहचान
जांच के दौरान आरोपी के पास से मिले दस्तावेजों ने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस को उसके पास से आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए जिनमें उसका नाम ननावथ विनोद कुमार दर्ज था। दस्तावेजों में पिता का नाम भी बदला गया था और पता तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले का दर्शाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ये दस्तावेज हैदराबाद में तैयार कराए गए थे। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाला कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है जिसकी जांच अब गहराई से की जा रही है।
संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी
आरोपी के पास से बरामद सामान ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस ने उसके कब्जे से ड्रोन कैमरा, रिमोट कंट्रोल, कई बैटरियां, वाइल्डलाइफ कैमरा, कैमरा लेंस, पांच कलाई घड़ियां, पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, माइक्रोफोन, ईयरबड्स और कई मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं। इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के बाद एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था। सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि डेटा और तकनीकी जानकारी के आधार पर सच्चाई सामने लाई जा सके।
महाराष्ट्र कनेक्शन की भी जांच
जांच के दौरान एक अहम कड़ी महाराष्ट्र से भी जुड़ती नजर आई है। सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि आरोपी के पास से मिले कुछ उपकरण पुणे के कर्वेनगर इलाके के एक स्टूडियो से चोरी किए गए हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। यदि यह तथ्य सही साबित होता है तो मामला अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क से जुड़ सकता है।
खुफिया एजेंसियां जुटीं गहन जांच में
स्थानीय पुलिस के अलावा एटीएस आईबी और एलआईयू जैसी एजेंसियां भी इस पूरे मामले की जांच में लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि भारत नेपाल सीमा की खुली व्यवस्था का दुरुपयोग कर अवैध घुसपैठ के प्रयास समय समय पर सामने आते रहे हैं लेकिन इस मामले में फर्जी पहचान और तकनीकी उपकरणों की मौजूदगी इसे और अधिक संवेदनशील बना देती है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों के डेटा की गहन जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के हर पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सतर्कता से टला संभावित खतरा
यह पूरा घटनाक्रम सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाता है जिसने समय रहते एक संदिग्ध गतिविधि को पकड़ लिया। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
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