वाराणसी: रामनगर के कोदोपुर चुंगी स्थित शिशु सेंट्रल एकेडमी गुरुवार को इतिहास, राष्ट्रभक्ति और चेतना का जीवंत मंच बन गई। भारतीय जनता युवा मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती ‘पराक्रम दिवस’ एवं माता सरस्वती पूजन दिवस पर विद्यालय परिसर में ऐसा वातावरण बना, मानो स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला फिर से धधक उठी हो। हर ओर देशभक्ति का ओज, ज्ञान की आराधना और बलिदान की स्मृतियां गूंजती रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती की वंदना के साथ हुआ-“या कुन्देन्दु तुषारहार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता।
या वीणा वरदण्डमण्डित करा, या श्वेत पद्मासना॥”
इस मंत्र के उच्चारण के साथ ज्ञान, विवेक और चेतना की देवी से राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इसके पश्चात नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रीति सिंह बघेल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की वह ज्वाला थे, जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने का साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि नेताजी केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि अद्भुत संगठनकर्ता, प्रभावशाली वक्ता और असाधारण नेतृत्व क्षमता के प्रतीक थे। उनका जीवन यह सिखाता है कि जब लक्ष्य राष्ट्र हो, तो त्याग और संघर्ष स्वतः मार्ग बन जाते हैं।
विशिष्ट अतिथि, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार से नामित सदस्य (NKYS) एवं भाजयुमो मंडल अध्यक्ष अर्जुन शर्मा योगी ने कहा कि नेताजी आज भी युवाओं के लिए ऊर्जा, आत्मबल और निर्भीकता का सबसे बड़ा स्रोत हैं। उन्होंने नेताजी के ऐतिहासिक उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की नसों में दौड़ती क्रांति थी। इस एक वाक्य ने सोए हुए राष्ट्र को जगा दिया और हर युवा को स्वतंत्रता संग्राम का सिपाही बना दिया।
अर्जुन शर्मा योगी ने कहा कि नेताजी के नेतृत्व में गठित आजाद हिंद फौज भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत को सबसे बड़ी चुनौती दी। आजाद हिंद फौज ने यह साबित कर दिया कि भारतीय केवल मांगने वाले नहीं, बल्कि अपने अधिकार छीनने का माद्दा भी रखते हैं। “दिल्ली चलो” का उनका नारा केवल सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि मानसिक गुलामी के खिलाफ निर्णायक युद्ध था। नेताजी ने स्त्री-पुरुष, जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांध दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी गजब का उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने नेताजी के जीवन, बलिदान और आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरा परिसर भारत माता की जय और नेताजी अमर रहें जैसे उद्घोषों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन भाजपा मंडल महामंत्री विकास बघेल ने किया। आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजक भाजयुमो नेता लोकेश तिवारी, सह संयोजक एवं शिशु सेंट्रल एकेडमी के डायरेक्टर मंटू ओझा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य राधिका ओझा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अनिरुद्ध कन्नौजिया, भाजयुमो मंडल मंत्री धीरज मौर्य, मंडल कोषाध्यक्ष जय किशन जायसवाल सहित पियूष गुप्ता, मुस्कान राय, सिद्दिका, सबीना परवीन, प्रिंसी सिंह, करण यादव, विजेता, आफरीन बानो, पूनम पाठक, रवि जायसवाल, छोटू, हर्ष चौबे कश्यप, मोनू पांडेय एवं अनेक शिक्षक, कार्यकर्ता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए साहस, ज्ञान और राष्ट्रभक्ति की अमिट प्रेरणा बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।
