वाराणसी में इस वर्ष 77वां गणतंत्र दिवस कई मायनों में ऐतिहासिक बनने जा रहा है। आधी आबादी को समर्पित मिशन शक्ति की भावना को केंद्र में रखते हुए पहली बार कमिश्नरेट पुलिस को एक पूर्ण महिला कमांडो दस्ता समर्पित किया जाएगा। 26 जनवरी की सुबह पुलिस लाइन में आयोजित राष्ट्रीय पर्व के समारोह में जनता पहली बार 300 महिला कमांडो को काली वर्दी में अनुशासित परेड करते हुए देखेगी। उनकी सटीक कदमताल चुस्ती और तालमेल पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण होगा।
पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब पूरे आयोजन की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में रहेगी। घुड़सवारी दस्ता बाइकर्स टीम अग्निशमन दल बम निरोधक दस्ता सहित सभी 16 टोलियों में केवल महिला पुलिसकर्मी शामिल होंगी। इन सभी टोलियों का नेतृत्व भी महिला अधिकारी ही करेंगी। यह दृश्य न केवल अनुशासन और परंपरा का प्रतीक होगा बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त तस्वीर भी प्रस्तुत करेगा।
करीब 300 महिला पुलिसकर्मियों से गठित इस कमांडो दस्ते को 24 टोलियों में विभाजित किया गया है। इसमें पांच से साढ़े पांच फीट लंबाई की महिला कमांडो शामिल हैं जिन्हें विशेष शारीरिक और सामरिक प्रशिक्षण दिया गया है। शुक्रवार को जब यह दस्ता पहली बार काली वर्दी में अभ्यास के लिए मैदान में उतरा तो उनकी गति और आपसी समन्वय ने अधिकारियों और मौजूद लोगों को खासा प्रभावित किया। गणतंत्र दिवस पर यह दस्ता अपने प्रदर्शन के माध्यम से अपनी कार्यक्षमता और तैयारी का स्पष्ट संदेश देगा।
राष्ट्रीय पर्व के सफल आयोजन के बाद महिला कमांडो के सम्मान में पुलिस कमिश्नर की ओर से उनके साथ विशेष लंच का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात शाम को केवल महिला कमांडो के लिए एक विशेष कार्यक्रम रखा गया है जिसमें देशभक्ति पर आधारित फिल्म बॉर्डर 2 दिखाई जाएगी। इसके लिए पूरा सिनेमा हॉल आरक्षित किया गया है ताकि यह आयोजन पूरी तरह इन महिला कमांडो के सम्मान को समर्पित रहे।
कमिश्नरेट पुलिस को समर्पित यह पहला महिला कमांडो दस्ता अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था और मुख्यालय डीआईजी Shivhari Meena के अधीन कार्य करेगा। दस्ते की नियमित ट्रेनिंग हथियारों का आवंटन और ऑपरेशनल जिम्मेदारियों की निगरानी भी उन्हीं के निर्देशन में की जाएगी। कमिश्नरेट क्षेत्र में महिला कमांडो की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी जिसे अब औपचारिक रूप से पूरा किया गया है।
इस तरह 77वें गणतंत्र दिवस पर Varanasi न केवल राष्ट्रीय परंपरा और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन करेगा बल्कि महिला शक्ति आत्मनिर्भरता और समान भागीदारी का एक मजबूत संदेश भी पूरे प्रदेश और देश को देगा।
