काशी में आधुनिक विद्युत व्यवस्था की ओर बड़ा कदम आरएमयू तकनीक से मिलेगी चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली
वाराणसी: बिजली व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि काशी को विश्वस्तरीय विद्युत नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी में उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीकों का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बैठक में विद्युत आपूर्ति, निर्माणाधीन परियोजनाओं, शिकायतों के निस्तारण तथा सावन माह और कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर लागू की गई आरएमयू तकनीक
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर और सर्किट हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर आरएमयू तकनीक स्थापित की जा चुकी है। इस प्रणाली के लागू होने से यदि किसी एक फीडर अथवा उपकेंद्र में तकनीकी खराबी आती है या बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो दूसरे स्रोत से तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू हो जाती है। इससे लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की संभावना काफी कम हो जाती है और उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली मिलती रहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आधुनिक प्रणाली का विस्तार अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी तेजी से किया जाए।
क्या है आरएमयू तकनीक
आरएमयू अर्थात रिंग मेन यूनिट एक आधुनिक विद्युत वितरण प्रणाली है जिसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति को लगातार जारी रखना है। इस तकनीक में बिजली नेटवर्क को एक रिंग के रूप में विकसित किया जाता है जिससे एक से अधिक स्रोतों से बिजली उपलब्ध रहती है। यदि किसी एक लाइन या फीडर में खराबी आती है तो पूरी आपूर्ति बंद नहीं होती बल्कि दूसरे मार्ग से बिजली पहुंचाई जाती है। इससे बिजली कटौती का समय बहुत कम हो जाता है और मरम्मत का कार्य भी आसानी से किया जा सकता है। यह प्रणाली विशेष रूप से अस्पतालों, धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जाती है। आधुनिक शहरों में विश्वसनीय बिजली व्यवस्था के लिए आरएमयू तकनीक को प्रभावी समाधान माना जाता है।
निर्माणाधीन उपकेंद्रों की समीक्षा और समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में वाराणसी में प्रस्तावित 16 नए विद्युत उपकेंद्रों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि 14 उपकेंद्रों पर निर्माण कार्य चल रहा है जिनमें से 10 उपकेंद्रों की छत की ढलाई पूरी हो चुकी है। दो परियोजनाएं भूमि संबंधी विवादों के कारण लंबित हैं। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के समन्वय से सभी बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
एक माह में समाप्त होगी बांस बल्ली की व्यवस्था
ऊर्जा मंत्री ने बिजली लाइनों में अस्थायी सहारे के रूप में उपयोग की जा रही बांस बल्ली व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाए और उसकी जगह सुरक्षित तथा स्थायी ढांचे विकसित किए जाएं। उनका कहना था कि आधुनिक विद्युत नेटवर्क के लिए सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
उपभोक्ता शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि केवल बिजली उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर उपभोक्ता सेवा ही आधुनिक विद्युत व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण पहचान है।
सावन और कांवड़ यात्रा के लिए विशेष तैयारी
सावन माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जर्जर विद्युत लाइनों की समय रहते मरम्मत की जाए। संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी रखी जाए और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
बैठक के अंत में ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, बाधा अथवा दुर्घटना सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि काशी की विद्युत व्यवस्था को प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए ताकि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिल सके।
LATEST NEWS