रामनगर में खुलेआम गांजा बिक्री का वीडियो वायरल, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
भीटी बाईपास के समीप बेसमेंट में गांजा बिक्री का आरोप, वायरल वीडियो के आधार पर जांच की मांग
वाराणसी। रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ और भीटी बाईपास के समीप कथित तौर पर गांजा बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में एक स्थान के बेसमेंट में जाली की आड़ में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। न्यूज रिपोर्ट इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां वास्तविक हैं या नहीं और वहां वास्तव में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है या नहीं यह पुलिस जांच का विषय है।
खुलेआम रामनगर में हो रहा अवैध गांजे का कारोबार, प्रशासन है मौन और लोग हैं हैरान
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी स्थान पर प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बिक्री की जा रही है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कुछ दिन पहले पंचवटी में भी उठा था गांजा बिक्री का मामला
रामनगर क्षेत्र में गांजा बिक्री के आरोपों को लेकर यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ दिन पहले पंचवटी इलाके में भी गांजा बिक्री की शिकायत कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव की जनसुनवाई में उठाई गई थी। शिकायत सामने आने के बाद विधायक के मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी लेने और जांच पड़ताल किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद अब रामनगर थाना क्षेत्र के भीटी बाईपास से गांजा बिक्री का कथित वीडियो सामने आने से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर किसकी सह पर रामनगर में बनता जा रहा अवैध गतिविधियों का अड्डा
स्थानीय लोगों के बीच अब सवाल उठ रहा है कि यदि रामनगर क्षेत्र में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं तो इस पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है। पुलिस प्रशासन को वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच करते हुए स्थान की पहचान, वहां मौजूद लोगों की भूमिका और मादक पदार्थ की संभावित आपूर्ति के स्रोत की जांच करनी चाहिए। हालांकि किसी व्यक्ति को केवल आरोप या वायरल वीडियो के आधार पर दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत
मादक पदार्थों का अवैध कारोबार कानून व्यवस्था के साथ सामाजिक चिंता का भी विषय है। खासकर उन इलाकों में जहां युवाओं और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है वहां नशे की अवैध बिक्री पर प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है। केवल कभी कभार की कार्रवाई के बजाय पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके स्रोत और आर्थिक गतिविधियों की जांच किए जाने की जरूरत है।
फिलहाल भीटी बाईपास क्षेत्र से सामने आए वायरल वीडियो ने रामनगर में अवैध गांजा बिक्री के आरोपों को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि रामनगर पुलिस और वाराणसी कमिश्नरेट इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है। लोगों को उम्मीद है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी और यदि वीडियो में लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो पुलिस इसकी स्थिति भी स्पष्ट करेगी।
वायरल वीडियो पर न्यूज रिपोर्ट का पक्ष
न्यूज रिपोर्ट वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई जा रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच का विषय है। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना नहीं बल्कि सामने आए गंभीर आरोपों पर निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता को सामने रखना है।
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