वाराणसी। धर्म और पर्यटन की नगरी वाराणसी में पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में नगर निगम ने अपनी कवायद तेज कर दी है। शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण में अधिसूचित 26 वेंडिंग जोन में 905 दुकानदारों को व्यवस्थित करने की योजना तैयार की गई है। इन दुकानदारों का भौतिक सत्यापन और सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। अब सर्वेक्षण के आधार पर तैयार सूची पर प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगले 10 दिनों में आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद पात्र दुकानदारों को पथ विक्रय प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इस पहल से एक ओर पटरी दुकानदारों को अपनी पहचान और कारोबार से संबंधित दस्तावेज प्राप्त होंगे, वहीं दूसरी ओर शहर में सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर पथ विक्रय समिति की बैठक में हुई समीक्षा
इस संबंध में शुक्रवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में नगर पथ विक्रय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त एवं समिति के अध्यक्ष हिमांशु नागपाल ने की। बैठक में सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई 905 स्ट्रीट वेंडर्स की सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के समक्ष सूची से संबंधित प्रक्रिया और प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण को लेकर विचार विमर्श किया गया। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुकानदारों की ओर से दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने पात्र पटरी दुकानदारों को उनके अधिकारों के अनुरूप प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने और उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में व्यवस्थित तरीके से कारोबार करने का अवसर देने पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है, ताकि पात्र दुकानदारों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
पटरी दुकानदारों की आजीविका और यातायात व्यवस्था पर जोर
वाराणसी में पटरी दुकानदार शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फल सब्जी, खानपान और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं का कारोबार करने वाले अनेक दुकानदार अपनी आजीविका के लिए सड़कों और बाजारों के आसपास निर्भर रहते हैं। ऐसे में उन्हें निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना और उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेज जारी करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम की योजना का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स के कारोबार को व्यवस्थित करने के साथ ही प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना है। पथ विक्रय प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिलने से पात्र दुकानदारों को अपनी अधिकृत पहचान स्थापित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही निर्धारित वेंडिंग जोन में कारोबार की व्यवस्था विकसित होने से सड़क पर अनियोजित ढंग से दुकानें लगाने की समस्या को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि इस व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि दुकानदारों को उनके कारोबार के अनुकूल स्थान उपलब्ध कराया जाए और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
नए वेंडिंग जोन के लिए खाली जमीन का होगा स्थलीय निरीक्षण
बैठक में शहर के अन्य इलाकों में भी नए वेंडिंग जोन विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में ऐसे खाली स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित रूप से जगह उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक पार्कों, फ्लाईओवरों के नीचे और पानी की टंकियों के आसपास उपलब्ध खाली जमीन का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्थानों का चयन करते समय पैदल यात्रियों की आवाजाही, वाहनों के आवागमन और स्थानीय यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। केवल खाली जमीन उपलब्ध होना ही किसी स्थल को वेंडिंग जोन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि वहां दुकानदारों को व्यवस्थित करने की व्यावहारिक संभावनाओं का भी आकलन करना होगा। उपयुक्त स्थान चिह्नित होने के बाद संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चार नए वेंडिंग जोन के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
नगर पथ विक्रय समिति की बैठक में चार नए प्रस्तावित वेंडिंग जोन को सर्वसम्मति से मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई। इनमें भेलूपुर जोन में सामने घाट से जजेज आवास के बीच का क्षेत्र, वरुणापार जोन में वीडीए संगीत पथ के समीप का इलाका और दशाश्वमेध जोन में भारत सेवाश्रम संघ से सुलभ शौचालय तक सड़क की बायीं ओर का क्षेत्र शामिल है। चौथे प्रस्तावित वेंडिंग जोन के स्थान का विवरण जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल तीन स्थलों की जानकारी ही सामने आई है। नए प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से शहर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अतिरिक्त स्थान विकसित करने की दिशा में पहल आगे बढ़ी है। इन स्थलों पर आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की ओर से निर्धारित दिशा निर्देशों और आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुरूप की जाएगी। नए वेंडिंग जोन विकसित होने से दुकानदारों को व्यवस्थित कारोबार का अवसर मिल सकता है और प्रमुख मार्गों पर अनियोजित दुकानों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अपर जिलाधिकारी नगर, सहायक पुलिस आयुक्त, विभिन्न जोनल अधिकारी, शहर मिशन प्रबंधक, डूडा के प्रतिनिधि और नगर पथ विक्रय समिति के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में वेंडिंग जोन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ ही दुकानदारों की सूची पर प्राप्त आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण और नए स्थलों की पहचान पर जोर दिया गया। अलग अलग विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में यह स्पष्ट किया गया कि वेंडिंग जोन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय आवश्यक है। दुकानदारों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सार्वजनिक मार्गों और पैदल यात्रियों के आवागमन में बाधा उत्पन्न न हो।
अगले 10 दिनों में प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
फिलहाल नगर निगम के सामने सबसे महत्वपूर्ण कार्य 905 स्ट्रीट वेंडर्स की सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करना और पात्र दुकानदारों को पथ विक्रय प्रमाणपत्र तथा पहचान पत्र जारी करना है। इसके लिए अगले 10 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र दुकानदारों को निर्धारित वेंडिंग जोन में कारोबार करने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही चार नए वेंडिंग जोन के प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई और अन्य संभावित स्थलों के निरीक्षण का काम भी महत्वपूर्ण रहेगा। वाराणसी जैसे व्यस्त शहर में पटरी दुकानदारों की आजीविका सुरक्षित रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के बीच संतुलन स्थापित करना नगर निगम के लिए अहम चुनौती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित समयसीमा में आपत्तियों का निस्तारण और पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है तथा दुकानदारों को जमीन पर व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की योजना कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है।
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