अवैध निर्माण और भूमाफियाओं पर वीडीए का बड़ा शिकंजा हर सप्ताह एफआईआर दर्ज करने का आदेश
वाराणसी: शहर में अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग और भूमाफियाओं के खिलाफ वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के सुनियोजित विकास को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को प्राधिकरण कार्यालय में उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पांचों जोनों के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और फील्ड स्तर के कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे बल्कि उसका प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए।
अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर जीरो टॉलरेंस नीति
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि शहर में कई स्थानों पर भूमाफिया और अवैध कॉलोनाइजर बिना स्वीकृति के प्लाटिंग और निर्माण कार्य करा रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन करती हैं बल्कि भविष्य में सड़क, सीवर, जल निकासी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संचालन में भी गंभीर बाधाएं उत्पन्न करती हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर का विकास केवल नियोजित और नियमबद्ध व्यवस्था के माध्यम से ही संभव है। ऐसे में अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान सभी जोनों से अवैध निर्माण और प्लाटिंग से संबंधित लंबित तथा वर्तमान मामलों की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन मामलों में कार्रवाई प्रस्तावित है उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और उसकी नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
लापरवाही पर अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग अथवा अवैध निर्माण संचालित पाया जाता है तो केवल संबंधित व्यक्ति या कॉलोनाइजर के विरुद्ध ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अवर अभियंता और जोनल अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब निगरानी में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। वीडीए का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों को रोकना ही नहीं बल्कि ऐसी गतिविधियों को प्रारंभिक स्तर पर ही चिन्हित कर उन्हें समाप्त करना भी है।
प्रत्येक जोन में हर सप्ताह कम से कम तीन एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रत्येक जोन में प्रति सप्ताह कम से कम तीन अवैध प्लाटिंग के मामलों में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश रहा। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है बल्कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी आवश्यक है। एफआईआर दर्ज होने से भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का मार्ग मजबूत होगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों में कानून का भय उत्पन्न होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध प्लाटिंग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए साक्ष्य एकत्र किए जाएं और समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रवर्तन अभियानों को नियमित रूप से संचालित कर अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
गंगा तटीय क्षेत्रों और एचएफएल क्षेत्र पर विशेष नजर
बैठक के दौरान गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों तथा हाई फ्लड लेवल क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। उपाध्यक्ष ने कहा कि ये क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं और यहां बिना अनुमति निर्माण कार्य गंभीर परिणाम पैदा कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों में पाए जाने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन और नदी क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि भविष्य में जनहित और सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।
शहर के सुनियोजित विकास पर जोर
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के कारण शहर की आधारभूत संरचना पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। इससे यातायात व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी विकास योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पृष्ठभूमि
वाराणसी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। विकास प्राधिकरण समय समय पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाता रहा है, लेकिन तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और भूमि के बढ़ते मूल्य के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि देखी गई है। इसी पृष्ठभूमि में वीडीए ने अब जवाबदेही आधारित व्यवस्था लागू करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय करने का निर्णय लिया है।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बैठक के अंत में कहा कि वाराणसी को एक व्यवस्थित, सुरक्षित और विकसित शहर के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि अवैध निर्माण, अवैध प्लाटिंग और भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान आने वाले समय में और अधिक तेज किया जाएगा तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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