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सारनाथ: नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

सारनाथ: नशा मुक्ति केंद्र में युवक की संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

वाराणसी के सारनाथ में नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की संदिग्ध मौत हुई, परिजनों ने गहरे जख्म देख हत्या का आरोप लगाया है।

वाराणसी: सारनाथ थाना अंतर्गत बुद्धा सिटी कॉलोनी (परशुरामपुर) स्थित 'जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र' में शुक्रवार को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया। जिस मां ने अपने बेटे को नशे के दलदल से बाहर निकालने और नई जिंदगी देने की उम्मीद में केंद्र में भर्ती कराया था, उसे चंद दिनों बाद बेटे का शव ही नसीब हुआ। मृतक के शरीर पर चोट के गहरे निशान देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों पर युवक की पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

नशे की लत और पारिवारिक कलह की पृष्ठभूमि
अशोक पुरम कॉलोनी, मीरापुर बसही (थाना शिवपुर) के रहने वाले 27 वर्षीय आदित्य गोस्वामी शराब और गांजा पीने के बुरी तरह आदी हो चुके थे। नशे की यह लत इस कदर हावी थी कि घर का माहौल पूरी तरह अशांत हो गया था। परिजनों के मुताबिक, 4 दिसंबर को नशे की हालत में आदित्य ने अपनी मां प्रतिभा गोस्वामी पर हमला कर दिया था। इसके बाद भी जब हालात नहीं सुधरे, तो भारी मन से मां प्रतिभा गोस्वामी ने उसे सुधारने के लिए 27 दिसंबर को सारनाथ स्थित 'जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र' में भर्ती करवाया था। भर्ती कराते वक्त भी आदित्य ने विरोध करते हुए मां के साथ हाथापाई की थी, लेकिन परिवार को उम्मीद थी कि यहाँ रहकर वह ठीक हो जाएगा।

हार्ट अटैक की सूचना और मौत का रहस्य
शुक्रवार की सुबह घटनाक्रम ने एक नया मोड़ लिया। मां प्रतिभा गोस्वामी के पास नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि आदित्य को अचानक हार्ट अटैक आया है और उसकी हालत बेहद गंभीर है। परिजन अभी इस खबर से उबर भी नहीं पाए थे कि महज दो घंटे बाद दूसरी सूचना आई कि आदित्य की मौत हो चुकी है। बदहवास परिजन जब मौके पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देख उनके होश उड़ गए। परिजनों का आरोप है कि 'हार्ट अटैक' तो महज एक बहाना था, क्योंकि आदित्य के शरीर पर, विशेषकर आंखों के पास और पैरों में गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे। शरीर पर पड़े नीले निशान साफ बयां कर रहे थे कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। इसके बाद नशा मुक्ति केंद्र में कोहराम मच गया और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।

केंद्र प्रबंधन की सफाई: 'छत से कूदने से लगी थी चोट'
हत्या के आरोपों के बीच, जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन ने अपनी अलग ही दलील पेश की है। केंद्र की काउंसलर पूजा मौर्या (निवासी दामोदरपुर) और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि आदित्य यहां रहने को तैयार नहीं था। उन्होंने दावा किया कि 29 दिसंबर को आदित्य ने भागने की कोशिश की थी और उसने अन्य लोगों को कमरे में बंद कर दिया था। इसी दौरान वह छत से कूद गया था, जिसके कारण उसकी आंख के नीचे और पैर में चोटें आई थीं। प्रबंधन का कहना है कि उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार की सुबह वह सामान्य था, उसने साढ़े सात बजे स्नान किया और बिस्तर पर सोने चला गया। जब त्रिभुवन सिंह उसे नाश्ते के लिए उठाने गए, तो उसने कोई हलचल नहीं की। उसे आनन-फानन में मवईया स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मृतक की मां की तरफ से केंद्र के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शरीर पर चोट के निशान मौजूद हैं, लेकिन मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। रिपोर्ट आने पर अगर मारपीट से मौत की पुष्टि होती है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, यह नशा मुक्ति केंद्र पिछले दो वर्षों से चंदौली निवासी युवराज सिंह द्वारा संचालित किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस हर पहलू परिजनों के आरोप और केंद्र के दावों की बारीकी से जांच कर रही है।

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