वाराणसी में ओएलएक्स पर ठगी का जाल बिछाने वाला शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार, 73 शिकायतों और करोड़ों की ठगी से जुड़ी परतें खुलीं
वाराणसी: बदलती तकनीक के दौर में जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लोगों की सुविधा का माध्यम बन रहे हैं वहीं साइबर अपराधी भी इन्हीं सुविधाओं का फायदा उठाकर आम लोगों की मेहनत की कमाई को निशाना बनाने के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे ही एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ी का खुलासा करते हुए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर सेल टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। ओएलएक्स जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सामान बेचने का झांसा देकर बड़ी रकम की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आकर्षक विज्ञापन के जरिए बनाता था लोगों को शिकार
पुलिस कार्रवाई के अनुसार आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। वह ओएलएक्स पर आकर्षक और लुभावने विज्ञापन पोस्ट करता था जिसमें कम कीमत पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बेचने का दावा किया जाता था। विज्ञापन देखने के बाद जब लोग संपर्क करते थे तो आरोपी उन्हें भरोसे में लेकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए प्रेरित करता था। जैसे ही भुगतान हो जाता था वह मोबाइल नंबर बंद कर संपर्क खत्म कर देता था और पीड़ित ठगी का शिकार हो जाते थे।
तकनीकी निगरानी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल टीम लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद थाना सिगरा क्षेत्र स्थित एक होटल में दबिश देकर आरोपी जलादी नागराजु निवासी गुंटूर आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
पूछताछ और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। साइबर सेल की जांच में आरोपी के खिलाफ देश के अलग अलग राज्यों से ऑनलाइन ठगी की तिहत्तर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में ही करीब एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की रकम और प्रभावित लोगों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।
तकनीक के सहारे छिपाता था पहचान
पुलिस के अनुसार आरोपी तकनीक का इस्तेमाल काफी सावधानी से करता था। वह लगातार मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदलता रहता था ताकि उसकी पहचान आसानी से न हो सके। अलग अलग बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए वह ठगी की रकम को कई हिस्सों में ट्रांसफर करता था ताकि निगरानी से बचा जा सके। हालांकि इस बार साइबर सेल की रणनीति और डिजिटल जांच तकनीक के सामने उसकी कोशिशें ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकीं।
गिरफ्तारी के दौरान कई सामान हुए बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद की हैं। इनमें तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, छह सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड, यस बैंक की चेकबुक, क्यूआर कोड कार्ड और नकदी शामिल है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बरामद किए गए उपकरणों से कई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है और अन्य साइबर अपराधियों या नेटवर्क से जुड़े सुराग भी मिल सकते हैं।
साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों के बीच वाराणसी पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता ने यह संदेश दिया है कि डिजिटल माध्यम से अपराध करने वाले लोग कानून की पकड़ से अधिक समय तक दूर नहीं रह सकते। फिलहाल आरोपी के खिलाफ थाना सिगरा में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है।
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