विश्व पर्यावरण दिवस पर रामनगर में हरियाली का संदेश, प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया गया सामूहिक संकल्प
वाराणसी: काशी का ऐतिहासिक नगर रामनगर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रभु नारायण राजकीय इंटर कॉलेज मंडल रामनगर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण तथा हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ तथा स्वस्थ वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पूर्व सदस्य केदारनाथ सिंह रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष आशा गुप्ता, महामंत्री प्रीति सिंह, जितेंद्र पांडेय, रितेश पाल, प्रधानाचार्य अविनाश मिश्रा, अध्यापक मनोज पांडेय, मंडल उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह कंचन, विनोद पटेल, भैया लाल सोनकर, पार्षद लल्लन सोनकर, पार्षद प्रतिनिधि मनोज यादव, नंदलाल चौहान, पंकज मौर्य, धीरेंद्र प्रताप सिंह, इंदु सिंह, मंजू देवी, राजेश गुप्ता, केशव वर्मा, अनिरुद्ध कुमार कनौजिया, मंडल मंत्री जय सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य और महत्व
विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष पांच जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष उन्नीस सौ बहत्तर में आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद की गई थी। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जल संरक्षण और जैव विविधता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। आज दुनिया भर में बढ़ते तापमान, घटते वन क्षेत्र और प्रदूषण की चुनौतियों के बीच पर्यावरण संरक्षण एक वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। ऐसे में पौधारोपण जैसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा
मुख्य अतिथि केदारनाथ सिंह ने कहा कि पर्यावरण और मानव जीवन का संबंध अटूट है। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं बल्कि जीवन का आधार हैं। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए।
विद्यालयों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
प्रधानाचार्य अविनाश मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी माध्यम होता है। विद्यालय परिवार समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता है जिससे विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य में समाज को अनेक प्रकार से लाभ पहुंचाएगा।
सामूहिक प्रयासों से बनेगा हरित भविष्य
मंडल अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना केवल सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है। वहीं प्रीति बघेल ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि निरंतर चलने वाला जन आंदोलन होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
रितेश पाल ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ा सामाजिक दायित्व बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तो आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने युवाओं से इस अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की।
पार्षद लल्लन सोनकर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं बल्कि जनभागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।
हरियाली के साथ लिया गया जनजागरण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और उपस्थित लोगों ने उनके संरक्षण का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया। पौधारोपण के बाद सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे।
रामनगर में आयोजित यह कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व को रेखांकित करने वाला एक प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक सहभागिता और हरित भविष्य के निर्माण की भावना से ओतप्रोत इस कार्यक्रम ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
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