रामनगर में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प बना जनआंदोलन, मां आशा तारा फाउंडेशन ने शुरू किया मिशन 2027
वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में विश्व पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मां आशा तारा फाउंडेशन वाराणसी द्वारा एक व्यापक पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर पूर्व में लगाए गए पौधों की निराई और सिंचाई का कार्य किया तथा नए पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर संस्था की ओर से मिशन 2027 एक बच्चा एक पेड़ अभियान की भी औपचारिक शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से आने वाले वर्षों में प्रत्येक बच्चे के नाम एक पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पौधों की देखभाल के साथ नए वृक्षारोपण पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था के संस्थापक डीके ओझा ने किया। उनके मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पौधों की निराई, गुड़ाई और सिंचाई की। नगर निगम के टैंकर की सहायता से श्रमदान करते हुए पौधों को पानी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान आम, अमरूद, अशोक सहित कई उपयोगी और छायादार पौधों का रोपण किया गया। संस्था का मानना है कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का माध्यम नहीं हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं।
कार्यक्रम में रेखा सिंह, कहकशा नाज, सुमित्रा पाण्डेय, बृजेश श्रीवास्तव, आरिफ खान, अमरेंद्र ओझा, तारकेश्वर नाथ सिंह, सुमन साहनी, ज्ञानचंद यादव, मंगलम, आशू पाण्डेय, चंचल सिंह, दीपक तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने पौधों की देखभाल के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी आम लोगों तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री के जन्मोत्सव पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मोत्सव को भी पर्यावरण संरक्षण के संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधरोपण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना भी रहा।
मिशन 2027 के तहत हर बच्चे के नाम होगा एक पौधा
संस्था द्वारा शुरू किए गए मिशन 2027 को कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत वर्ष 2027 तक व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाते हुए प्रत्येक बच्चे के नाम एक पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्था का कहना है कि यदि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों के नाम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण आधारित नैतिक शिक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी सोच के साथ एक बच्चा एक पेड़ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संस्थापक डीके ओझा ने रखी भविष्य की कार्ययोजना
संस्था के संस्थापक डीके ओझा ने बताया कि मां आशा तारा फाउंडेशन आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण को लेकर और अधिक व्यापक अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है जब पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से संस्था केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 के पर्यावरण दिवस तक हर शहर में बच्चों के नाम से पौधे लगाने का अभियान संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, युवाओं और आम नागरिकों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
रेखा सिंह ने लोगों से की सहभागिता की अपील
कार्यक्रम में मौजूद रेखा सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी विरासत है।
जनसहभागिता से मजबूत होगा पर्यावरण संरक्षण अभियान
रामनगर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक पौधरोपण अभियान नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। मां आशा तारा फाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया मिशन 2027 स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने के साथ साथ भविष्य में बड़े जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। पर्यावरण संरक्षण, नैतिक शिक्षा और जनभागीदारी को एक सूत्र में पिरोने का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हमारे सह-संपादक संदीप श्रीवास्तव जी से बातचीत के दौरान संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान किया जा सके।
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