पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान, वाराणसी में ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने की समीक्षा बैठक, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
वाराणसी: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी उपलब्धि के बाद शनिवार को वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों तथा योजना से जुड़े वेंडर्स के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दो दिन पूर्व ही यह सम्मान प्रदेश को प्रदान किया गया, जो राज्य सरकार, विभागीय अधिकारियों तथा योजना से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
योजना को और गति देने के लिए हुई विस्तृत समीक्षा
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कहा कि वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य पीएम सूर्य घर योजना को अधिक प्रभावी और जन उपयोगी बनाना है। बैठक के दौरान योजना के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों, तकनीकी आवश्यकताओं, वित्तीय प्रक्रियाओं तथा आम नागरिकों तक इसकी पहुंच बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं जिन्हें बिंदुवार दर्ज किया गया है। इन सुझावों पर विचार करते हुए आगे आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की सुविधा पहुंचे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभागीय स्तर पर निरंतर निगरानी और समीक्षा की जा रही है। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आवश्यकता पड़ने पर वाराणसी सहित अन्य जनपदों में भी ऐसी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि योजना की प्रगति का नियमित मूल्यांकन हो सके।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी है योजना की व्यापक सोच
मंत्री ए के शर्मा ने कहा कि हाल ही में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाया गया था। इसी प्रकार पीएम सूर्य घर योजना भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं और वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए सौर ऊर्जा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व मंचों पर ग्लोबल वार्मिंग और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर जो संदेश दिया गया है, पीएम सूर्य घर योजना उसी व्यापक सोच का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती है बल्कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम करती है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में शामिल
कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि देश आज ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में प्रारंभ की गई पीएम सूर्य घर योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया राष्ट्रीय अभियान है। आज जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट, बढ़ती लागत और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है, तब यह योजना आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में कई मानकों पर देश में प्रथम स्थान पर है। यह उपलब्धि प्रदेश सरकार, ऊर्जा विभाग, यूपी नेडा, बिजली विभाग, बैंकिंग संस्थाओं और निजी भागीदारी के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संबंधित पक्षों को आपसी समन्वय बढ़ाने और तेजी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आम नागरिकों को मिल रहे अनेक लाभ
सौर ऊर्जा आधारित इस योजना के माध्यम से आम परिवारों को अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिल रहा है। इससे घरेलू बिजली खर्च में कमी आने के साथ ऊर्जा उत्पादन में नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है। योजना का उद्देश्य केवल बिजली बिल कम करना नहीं बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों पर दबाव कम होगा। इसके साथ ही सौर पैनल स्थापना, रखरखाव, तकनीकी सेवाओं और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। यही कारण है कि योजना को ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के एक समग्र मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना
कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं में दीर्घकालिक सोच स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती आबादी, बढ़ती ऊर्जा मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए सौर ऊर्जा भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। पीएम सूर्य घर योजना इसी सोच का परिणाम है, जो वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें और अपने परिचितों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उनका कहना था कि जब नागरिक स्वयं ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनेंगे तब ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य और अधिक तेजी से प्राप्त किया जा सकेगा।
वाराणसी से दिया गया ऊर्जा जागरूकता का संदेश
वाराणसी में आयोजित यह समीक्षा बैठक केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रही बल्कि इसके माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का व्यापक संदेश भी दिया गया। बैठक में अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और वेंडर्स की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी पक्षों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार का मानना है कि जन सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पीएम सूर्य घर योजना आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में ऊर्जा क्रांति का आधार बन सकती है।
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