वाराणसी रोप वे परियोजना के किराए की घोषणा से संचालन की तैयारी तेज, कैंट से गोदौलिया तक सफर होगा आसान और तेज
काशी: उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी की बहुप्रतीक्षित रोप वे परियोजना के लिए किराया दरों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप वे सेवा के व्यावसायिक संचालन का रास्ता और अधिक स्पष्ट हो गया है। यह परियोजना केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं है, बल्कि वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले शहर में आधुनिक शहरी परिवहन की नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। शासन द्वारा जारी अधिसूचना में विभिन्न स्टेशनों के बीच यात्रा के लिए किराया निर्धारित किया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी में प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। शहर के प्रमुख बाजार, धार्मिक स्थल, रेलवे स्टेशन और व्यापारिक केंद्र एक दूसरे से जुड़े होने के कारण सड़कों पर भारी दबाव बना रहता है। विशेष रूप से कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया और काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र तक पहुंचने में अक्सर यात्रियों को लंबे जाम और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रोप वे परियोजना को शहर की यातायात व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होगी किराया व्यवस्था
जारी अधिसूचना के अनुसार रोप वे सेवा में न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। वाराणसी कैंट से गोदौलिया चौक तक पूरे मार्ग की यात्रा के लिए यात्रियों को 50 रुपये का भुगतान करना होगा। विद्यापीठ से रथयात्रा तक की कम दूरी की यात्रा के लिए केवल 10 रुपये किराया रखा गया है। अलग अलग स्टेशनों के बीच दूरी के आधार पर किराया तय किया गया है ताकि यात्रियों को उनकी यात्रा के अनुसार उचित शुल्क देना पड़े। सरकार का प्रयास है कि यह सुविधा आम नागरिकों की पहुंच में रहे और अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग करें।
काशी स्मार्ट पास से मिलेगी विशेष छूट
नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए काशी स्मार्ट पास की व्यवस्था भी लागू की गई है। इस पास का उपयोग करने वाले यात्रियों को निर्धारित किराए पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। उदाहरण के तौर पर कैंट से गोदौलिया तक जहां सामान्य किराया 50 रुपये है, वहीं स्मार्ट पास धारक यह यात्रा 40 रुपये में कर सकेंगे। इसी प्रकार अन्य मार्गों पर भी रियायती दरों का लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि स्थानीय यात्रियों के बीच यह पास काफी लोकप्रिय हो सकता है क्योंकि इससे रोजाना यात्रा करने वालों का खर्च कम होगा।
हर वर्ष बढ़ेगा किराया
अधिसूचना में किराया संशोधन की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल से किराए में पांच प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकेगी। संशोधित किराए को पांच रुपये के निकटतम गुणांक में पूर्णांकित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे परिचालन लागत और रखरखाव खर्च का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी तथा सेवा की गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होगी।
क्लॉक रूम और यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं
रोप वे स्टेशनों को केवल चढ़ने और उतरने के केंद्र के रूप में विकसित नहीं किया गया है, बल्कि यहां यात्रियों की सुविधा के लिए कई अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की गई हैं। वाराणसी कैंट स्टेशन पर क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध होगी जहां टिकट धारक अपने सामान को शुरुआती दो घंटे तक निशुल्क रख सकेंगे। इसके बाद निर्धारित शुल्क के अनुसार भुगतान करना होगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन पर्यटकों और यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी जो शहर में कुछ समय के लिए घूमने या दर्शन करने आते हैं।
प्रीमियम गोंडोला सेवा भी होगी उपलब्ध
परियोजना के अंतर्गत प्रीमियम गोंडोला सेवा का भी प्रावधान किया गया है। इस विशेष सुविधा के लिए प्रति गोंडोला प्रति यात्रा 2000 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। वहीं यदि कोई संस्था, पर्यटन समूह या अन्य संगठन अग्रिम बुकिंग कराता है तो उसे रियायती दर पर 1200 रुपये प्रति यात्रा का भुगतान करना होगा। इस सुविधा का उद्देश्य समूह यात्राओं और विशेष अवसरों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
महज 15 से 16 मिनट में पूरा होगा सफर
करीब 3.75 किलोमीटर लंबा यह रोप वे मार्ग वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक विकसित किया गया है। वर्तमान समय में सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार 30 से 45 मिनट या उससे अधिक समय लग सकता है। रोप वे सेवा शुरू होने के बाद यही यात्रा लगभग 15 से 16 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि सड़क पर वाहनों की संख्या कम होने से जाम की समस्या में भी राहत मिलने की संभावना है।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा पर विशेष जोर
परियोजना के चारों स्टेशन वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां डिजिटल टिकटिंग प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा उपकरण, लिफ्ट, एस्केलेटर और यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों की डिजाइनिंग की गई है ताकि हर वर्ग के लोग बिना किसी कठिनाई के इस सेवा का लाभ उठा सकें।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
वाराणसी देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया बाजार और अन्य प्रमुख स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। रोप वे सेवा शुरू होने से इन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और तेज हो जाएगी। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शहर के परिवहन ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि वाराणसी रोप वे परियोजना देश के अन्य भीड़भाड़ वाले शहरों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है। सीमित सड़क चौड़ाई और बढ़ते यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में इस तरह की आधुनिक परिवहन व्यवस्था भविष्य की जरूरत मानी जा रही है। किराया अधिसूचना जारी होने के बाद अब परियोजना के संचालन को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि यह सेवा शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ साथ वाराणसी की आधुनिक पहचान को भी मजबूत करेगी।
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