चंदौली में 1.25 करोड़ रुपये मूल्य का 501 किलो गांजा बरामद, बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार
चंदौली: जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ वाराणसी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान कटरिया अंडरपास के पास एक ट्रक से 501.380 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये है। इस मामले में बिहार के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
कटरिया अंडरपास के पास जांच के दौरान मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ वाराणसी की संयुक्त टीम कटरिया अंडरपास स्थित पराग डेयरी के समीप संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक टाटा अल्ट्रा ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक में लदे सामान के बीच संदिग्ध वस्तुएं मिलने पर पुलिस ने गहन तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान ट्रक में रखे लोहे के एंगल और मसालों की खेप के बीच छिपाकर रखी गई 20 बोरियां बरामद हुईं। इन बोरियों की जांच करने पर उनमें गांजा भरा मिला। कुल वजन 501.380 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले हैं दोनों आरोपित
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान बिहार के रोहतास जनपद के सासाराम निवासी सुरेंद्र सिंह यादव और राजकुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
उड़ीसा से लाकर पूर्वांचल में की जाती थी सप्लाई
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि वे उड़ीसा के बौध जिले से गांजा खरीदकर उसे वैध माल की आड़ में विभिन्न राज्यों और जिलों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार तस्कर गांजे की खेप को लोहे के एंगल और अन्य व्यावसायिक सामान के बीच छिपाकर ले जाते थे ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। आरोपितों ने यह भी स्वीकार किया कि वे पहले भी कई बार इसी प्रकार गांजे की खेप बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचा चुके हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बरामद गांजे की खेप वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में खपाने की तैयारी थी। इसके लिए तस्करों ने परिवहन के दौरान वैध माल का सहारा लिया था। हालांकि पुलिस और एसटीएफ की सतर्कता के चलते उनकी योजना सफल नहीं हो सकी और बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद कर लिया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। बरामद ट्रक और अन्य साक्ष्यों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से प्राप्त जानकारी के आधार पर इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल हैं तथा किन क्षेत्रों में गांजे की आपूर्ति की जाती थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस पूरी कार्रवाई में मुगलसराय थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह, एसटीएफ वाराणसी फील्ड यूनिट के निरीक्षक पुनीत परिहार तथा उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संयुक्त अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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