महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रावास आवंटन के लिए अभिभावकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब छात्रावास में कमरा आवंटित करते समय विद्यार्थियों के माता पिता दोनों अथवा दोनों में से किसी एक अभिभावक की उपस्थिति अनिवार्य होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अभिभावकों की मौजूदगी में ही छात्रों को कमरा आवंटित किया जाएगा ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित हो सके और नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।
समर्थ पोर्टल के माध्यम से करना होगा आवेदन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास में प्रवेश पाने के इच्छुक सभी विद्यार्थियों को सबसे पहले समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक अभिलेखों के साथ अपने माता पिता अथवा अभिभावक का आधार कार्ड भी अपलोड करना होगा। आवेदन में लगाए गए सभी अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छात्रावास आवंटन की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंद्रह जुलाई के बाद शुरू होगी आवंटन प्रक्रिया
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में इस समय विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया चल रही है। इसी के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक द्वितीय तृतीय चतुर्थ और पंचम वर्ष के विद्यार्थियों तथा स्नातकोत्तर के छात्र छात्राओं के लिए भी छात्रावास आवंटन की तैयारी शुरू कर दी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पंद्रह जुलाई के बाद छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बाहरी लोगों की मौजूदगी के बाद प्रशासन हुआ सख्त
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल के दिनों में छात्रावासों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई ऐसे लोग छात्रावास में रहते मिले जो विश्वविद्यालय के नियमित छात्र नहीं थे। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इस वर्ष छात्रावास आवंटन प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराना और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
अभिभावकों को भी बताए जाएंगे छात्रावास के नियम
कमरा आवंटन के समय उपस्थित होने वाले अभिभावकों को छात्रावास के सभी नियमों और अनुशासन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी जाएगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि अभिभावकों को नियमों से अवगत कराने से विद्यार्थियों में अनुशासन बनाए रखने और छात्रावास की व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसी भी प्रकार की भविष्य की समस्या होने पर अभिभावकों से सीधे संपर्क करना भी आसान होगा।
मुख्य गृहपति ने क्या कहा
मुख्य गृहपति डॉ नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छात्रावास के लिए समर्थ पोर्टल पर आवेदन किया जाना है। छात्रों की ओर से लगाए गए सभी अभिलेखों का सत्यापन कराया जाएगा। कमरा आवंटन के समय अभिभावकों को भी बुलाया जाएगा। उन्हें छात्रावास के नियमों और व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विश्वविद्यालय में उपलब्ध छात्रावास
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में वर्तमान समय में छात्रों के लिए चार छात्रावास और छात्राओं के लिए एक छात्रावास संचालित है। विश्वविद्यालय प्रशासन उपलब्ध संसाधनों के आधार पर पात्र विद्यार्थियों को छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराता है।
छात्रावासों में कमरों की संख्या
जेके महिला छात्रावास में कुल इक्यावन कमरे उपलब्ध हैं। एलबीएस छात्रावास में सतहत्तर कमरे हैं। भीमराव आंबेडकर छात्रावास में बीस कमरे हैं जबकि नरेंद्र देव छात्रावास सबसे बड़ा छात्रावास है जिसमें एक सौ सैंतीस कमरे उपलब्ध हैं। इन छात्रावासों में प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दिया जाएगा।
पारदर्शिता और सुरक्षा पर विश्वविद्यालय का विशेष जोर
नई व्यवस्था से छात्रावास आवंटन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है। अभिभावकों की अनिवार्य उपस्थिति आधार आधारित सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर रोक लगाने के साथ साथ विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आगामी दिनों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार छात्रावास आवंटित किए जाएंगे।
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