वाराणसी पहुंचे अभिनेता बोमन ईरानी ने बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन काशी की आध्यात्मिकता और बनारसी बुनाई के हुए मुरीद
वाराणसी: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता बोमन ईरानी अपने दो दिवसीय वाराणसी प्रवास के दौरान काशी की धार्मिक आस्था सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प से गहराई से रूबरू हुए। इस यात्रा में उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधि विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन अर्चन किया। गंगा में क्रूज यात्रा के माध्यम से काशी के चौरासी घाटों का दर्शन किया और शहर के कई प्रमुख धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार उन्हें काशी को बहुत करीब से देखने और समझने का अवसर मिला जो उनकी कल्पना से कहीं अधिक अद्भुत और आध्यात्मिक अनुभव रहा।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धा भाव से की पूजा
सुबह अभिनेता बोमन ईरानी श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे जहां उन्होंने पूरे वैदिक विधान के अनुसार बाबा विश्वनाथ का पूजन अर्चन किया। पूजा के दौरान उन्होंने मंत्रों का शुद्ध उच्चारण करते हुए पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुरोहितों ने उनके अनुशासित और श्रद्धापूर्ण व्यवहार की सराहना की। काशी निवासी सौरभ ने बताया कि मंदिर में श्रीकांत जी ने वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा संपन्न कराई। उनके अनुसार अभिनेता ने पूरे अनुष्ठान के दौरान मंत्रों का स्पष्ट और शुद्ध उच्चारण किया जिससे उपस्थित लोग प्रभावित हुए।
गंगा में क्रूज यात्रा कर निहारी चौरासी घाटों की भव्यता
यात्रा के पहले दिन अभिनेता ने गंगा नदी में क्रूज यात्रा की और काशी के ऐतिहासिक चौरासी घाटों की भव्यता को करीब से देखा। इस दौरान उन्हें घाटों के धार्मिक महत्व ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी भी दी गई। उन्होंने गंगा तट पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों और प्राचीन काशी की जीवन शैली को विशेष रुचि के साथ देखा।
आदि केशव और लाट भैरव मंदिर में भी किया दर्शन
बोमन ईरानी ने अपने धार्मिक भ्रमण के दौरान आदि केशव घाट स्थित प्राचीन मंदिर में दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने लाट भैरव मंदिर पहुंचकर भी पूजा अर्चना की। भ्रमण के दौरान उन्हें काशी के प्राचीन मंदिरों की परंपरा धार्मिक महत्व और पौराणिक इतिहास की विस्तृत जानकारी दी गई। काशी भ्रमण करा रहे सौरभ ने बताया कि अभिनेता को ऐसे कई धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी परिचय कराया गया जिनके बारे में सामान्य पर्यटक कम जानते हैं।
बनारसी टमाटर चाट का लिया स्वाद
वाराणसी प्रवास के दौरान अभिनेता ने शहर के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया। उन्होंने विशेष रूप से बनारसी टमाटर चाट का आनंद लिया और उसकी सराहना की। स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने बनारस के खान पान और यहां की सांस्कृतिक विविधता में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की पहचान वहां की संस्कृति के साथ साथ उसके पारंपरिक भोजन से भी होती है और बनारस इस दृष्टि से बेहद समृद्ध है।
काशी को लेकर कही यह बात
बोमन ईरानी ने कहा कि उन्होंने काशी के बारे में पहले बहुत कुछ सुन रखा था। उन्हें इतना ही पता था कि यहां की चाट प्रसिद्ध है और बाबा विश्वनाथ तथा काल भैरव का मंदिर देश भर में आस्था का केंद्र है। लेकिन इस यात्रा में उन्होंने जिस काशी को देखा वह उनकी कल्पना से बिल्कुल अलग थी। उन्होंने कहा कि यहां की आध्यात्मिकता इतिहास संस्कृति और लोगों की आत्मीयता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। इस यात्रा में उन्हें काशी के ऐसे कई पहलुओं को जानने का अवसर मिला जिनके बारे में पहले उन्हें जानकारी नहीं थी।
सात वर्ष बाद तीसरी बार पहुंचे वाराणसी
अभिनेता इससे पहले भी दो बार वाराणसी आ चुके हैं लेकिन पूर्व की यात्राओं में उन्हें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने का अवसर नहीं मिल पाया था। लगभग सात वर्ष बाद तीसरी बार काशी आने पर उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए जिसे उन्होंने अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया।
बनारसी हैंडलूम साड़ियों की खरीदारी की
वाराणसी प्रवास के दौरान अभिनेता अपनी पत्नी के साथ यमुना पीलीकोठी रोड स्थित एम बाजार के पास एक नए हैंडलूम शोरूम भी पहुंचे। वहां उन्होंने बनारस की पारंपरिक हैंडलूम कला और बारीक बुनाई वाली साड़ियों का अवलोकन किया। शोरूम संचालक आशिफ मतीन के अनुसार अभिनेता ने बनारसी बुनाई की प्रक्रिया और पारंपरिक तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शुद्ध रेशम से तैयार कतान कढ़ुआ बूटी कतान चेक कढ़ुआ बूटा और तंचोई जामावार साड़ियां खरीदीं तथा बनारसी बुनकरों के कौशल और गुणवत्ता की सराहना की।
काशी की संस्कृति और शिल्प से जुड़े अनुभव को बताया अविस्मरणीय
धार्मिक स्थलों के दर्शन सांस्कृतिक विरासत के अवलोकन स्थानीय व्यंजनों का स्वाद और बनारसी हैंडलूम की खरीदारी के साथ अभिनेता का यह वाराणसी प्रवास आस्था संस्कृति और पारंपरिक शिल्प से जुड़ा एक समग्र अनुभव बनकर सामने आया। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है। उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन की यादगार यात्राओं में शामिल बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यात्रा के दौरान उन्होंने शहर के कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया तथा स्थानीय परंपराओं को निकट से समझने का प्रयास किया।
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